December 8, 2022

छत्तीसगढ़ : पूर्व उपमुख्यमंत्री के पुत्र, बहू और 4 साल की पोती की निर्मम हत्या के मामले में 6 आरोपी गिरफ्तार

कोरबा। कोरबा में पूर्व उपमुख्यमंत्री स्वर्गीय प्यारेलाल कवर के पुत्र, बहू और 4 साल की पोती की निर्मम हत्या कर दी गई। घटना बुधवार तड़के 4.15 बजे की बताई जा रही है। घटना के वक्त मृतक हरीश कंवर, उनकी पत्नी सुनीता कंवर और 4 साल की बेटी आशी के साथ ही घर पर हरीश कवर की बूढ़ी मां भी मौजूद थी। बताया जा रहा है कि रोज की तरह हरीश कवर के बड़े भाई सैर के लिए निकल गए थे जिनके लौटने पर इस तिहरे हत्याकांड की जानकारी हुई।

थाना उरगा के ग्राम भैंसमा निवासी हरीश कंवर के परिवार की जघन्य हत्या की खबर से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। तत्काल मौके पर पुलिस अधीक्षक अभिषेक मीणा और अन्य अधिकारी पहुंचे। इस हत्याकांड की जांच के लिए 10 टीम बनाई गई। तुरंत सभी बाहर जाने वाले रास्तों पर बैरियर लगाकर नाकेबंदी की गई। घटनास्थल पर डॉग स्क्वायड एएफएसएल की टीम बिलासपुर मुख्यालय की फिंगर प्रिंट विशेषज्ञ की टीम, फोटोग्राफर, वीडियो ग्राफर, साइबर सेल की टीम फॉरेंसिक जांच में जुट गई। पुलिस ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान लेने भी शुरू कर दिए। आस-पास मौजूद सीसीटीवी कैमरा के भी फुटेज खंगाले गए। पुलिस को शक था कि आपसी रंजिश की वजह से यह हत्या की गई होगी। जांच के दौरान पता चला कि दो अज्ञात हमलावर मोटरसाइकिल में सवार होकर सुबह करीब 4.15 बजे मृतक के घर के अंदर घुसे थे। ये दोनों करीब 20 मिनट बाद बाहर निकल आए। पूछताछ में पता चला कि मृतक हरीश कंवर के बड़े भाई हरभजन कवर अपनी पत्नी धन कंवर और दो बच्चों के साथ सुबह करीब 4.15 बजे मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे, जिसके कुछ मिनट बाद ही संदिग्ध आरोपी उनके घर में घुसे। पुलिस ने खुफिया जानकारी जुटाई तो पता चला कि हरभजन कंवर का साला परमेश्वर कंवर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करतला में एक्सीडेंट होकर चोट लगने के कारण इलाज करा रहा है ।

जब पुलिस ने उसकी जांच की तो पता चला कि परमेश्वर के शरीर में आए चोट की वजह कोई एक्सीडेंट नहीं बल्कि धारदार हथियार से लगा चोट है। इसलिए पुलिस का शक उस पर गहरा गया। पुलिस ने उसके मोबाइल कॉल डिटेल और लोकेशन की जांच की तो सुबह लगभग 4.00 बजे वह घटनास्थल भैंसमा में होना पाया गया। साथ ही अज्ञात नंबर से मैसेज का आदान-प्रदान भी उस वक्त हुआ था। जब साइबर सेल ने उस मोबाइल नंबर की जानकारी जुटाई तो वह नंबर हरभजन कंवर के नाबालिग बेटी का पाया गया। इतनी जानकारी के बाद पुलिस का शक पक्का हो गया। उसके बाद उसने परमेश्वर कंवर से सख्ती से पूछताछ की जो पुलिस पूछताछ में टूट गया और उसने बताया कि हरीश कंवर के साथ विगत 2 वर्षों से उसका पैसे के लेनदेन को लेकर विवाद था इसलिए उसने अपने मित्र रामप्रसाद मन्नेवार के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया । जैसे-जैसे जानकारी मिलती गई पुलिस की हैरानी भी बढ़ती गई। पता चला कि परमेश्वर कवर को हरभजन की नाबालिग बेटी मैसेज कर लगातार जानकारी दे रही थी। यहां तक कि उनके घर से मॉर्निंग वॉक पर निकलने और दरवाजा बाहर से बंद होने की जानकारी भी उसने मैसेज से दी थी। पता चला कि इसी मैसेज की जानकारी के बाद परमेश्वर कवर और उसका साथी रामप्रसाद निवासी हिंगन झरिया मृतक के घर घुसे थे और दो धारदार हथियार से घर में सो रहे हरीश कंवर, सुमित्रा कंवर और याशिका कंवर के ऊपर ताबड़तोड़ हमला किया। उनके चेहरे और शरीर पर किए गए वार से उनकी लाश क्षत-विक्षत हो गई। पता चला कि इस हमले के दौरान हरीश कंवर ने प्रतिरोध भी किया और घर में रखें कत्ता से अपने परिवार की जान बचाने के लिए आरोपियों पर वार किया, जिससे आरोपियों के आंख नाक और हाथ में चोट भी आई । तीनों की निर्मम हत्या कर दोनों आरोपी मोटरसाइकिल से वापस छलिया भाटा डैम पहुंचे, जहां बांध में हथियारों को फेंक दिया गया और पहने हुए कपड़े को जलाने की कोशिश की गई। आरोपी परमेश्वर कं वर के भाई सुरेंद्र कंवर के द्वारा घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल को छुपाया गया।

पुलिस ने मुख्य आरोपी सुरेंद्र कवर को गिरफ्तार कर लिया जबकि उसका साथी रामप्रसाद मन्नेवार फरार हो गया था, जिसे मोटरसाइकिल से भागते हुए लबेद बैरियर से पुलिस ने नाकेबंदी कर गिरफ्तार किया। पता चला कि मृतक हरीश कंवर का बड़ा भाई हरभजन कंवर और उसकी पत्नी धन कंवर अपने छोटे भाई के पास अधिक जमीन और संपत्ति होने के कारण उससे ईष्र्या करते थे। इसीलिए उन्होंने उसके पूरे परिवार को ही रास्ते से हटाने का षड्यंत्र रचा, जिसमें उन्होंने अपने रिश्तेदार परमेश्वर कवर और उसके दोस्त रामप्रसाद मन्नेवार को भी मिला लिया। जानकारी के बाद पुलिस ने परमेश्वर कंवर, राम प्रसाद मन्नेवार, हरभजन कंवर, धन कंवर और उनकी नाबालिग बेटी एवं सुरेंद्र कंवर को हिरासत में ले लिया है। पुलिस को उम्मीद है कि इनसे अभी और भी जानकारियां मिल सकती है। अपने ही छोटे भाई के पास अधिक धन संपत्ति होने कि ईष्र्या इस कदर हावी हो गई कि उसके पूरे परिवार को कत्ल कर दिया। यहां तक कि अपनी ही 4 साल की भतीजी की भी निर्मम हत्या करवा दी। इस परिवार के इस अपराध के लिए उसे मना करने की जगह उल्टे उसके रिश्तेदारों ने उस में सहयोग किया। यहां तक कि इस षड्यंत्र में छोटे-छोटे बच्चों को भी शामिल कर लिया गया। यह परिवार कोई मामूली परिवार नहीं था। इनके पिता प्रदेश के उप मुख्यमंत्री थे और आज पूरा परिवार बिखर चुका है।

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