January 27, 2023

LOCKDOWN: एक बार फिर से फटा कोरोना बम… यहां की सरकार ने लगाया सख्त लॉकडाउन.. वायरस ने तोड़े पुराने सभी रिकॉर्ड्स

चीन में कोरोना बम एक बार फिर से फट गया है. कोरोना को कंट्रोल करने के लिए जिनपिंग सरकार सख्त लॉकडाउन लगा रही है, लेकिन वायरस का विस्फोट इतना खौफनाक हो चुका है कि पुराने सभी रिकॉर्ड्स टूट गए हैं. दूसरी तरफ लॉकडाउन के खिलाफ भी खूनी विद्रोह बढ़ता जा रहा है. ड्रैगन लैंड के हालात दुनिया को डरा रहे हैं कि कही फिर कोरोना वापसी तो नहीं करने वाला है. और सवाल यह भी है कि आखिर क्यों चीन में कोरोना आउट ऑफ कंट्रोल हो गया है.

सांसों पर साइलेंट स्ट्राइक करने वाले इस वायरस का चीन में फिर से भीषण विस्फोट हुआ है. चीन के अलग-अलग हिस्सों में वुहान वायरस का विस्तार हो रहा है. सामने आईं कई तस्वीरें कोरोना की वापसी के साक्ष्य हैं. चीन से नरसंहारक वायरस का उत्पादन और निर्यात हुआ था. वहां पर फिर से स्थिति भयावह है. हर रोज मरीजों की गिनती बढ़ती जा रही है. अस्पताल भरते जा रहे हैं. 24 नवंबर को चीन में कोरोना के 31,444 केस दर्ज किए गए थे. जबकि 25 नवंबर को ये आकंड़ा 32,943 के पार पहुंच चुका है. मतलब 24 घंटे में ही 1499 ज्यादा लोग पॉजिटिव हो गए हैं. और ये चीन में एक दिन में कोरोना के सबसे ज्यादा मामले हैं.

चीन में ‘जीरो कोविड पॉलिसी’ लागू
ये स्थिति तब हैं जब चीन में लंबे समय से ‘जीरो कोविड पॉलिसी’ लागू हैं. जबरदस्ती लोगों का टेस्ट करवाया जा रहा है. लोगों को पकड़ पकड़कर क्वारंटाइन किया जा रहा है. 8 जिलों के 66 लाख की आबादी को लॉकडाउन लगाकर कैद कर दिया गया है. बीजिंग के अलावा ग्वांगझू, चोंगकिंग, जिनान, जियान, चेंगदू और लान्चो में भी बड़े पैमान पर कोरोना फैला हुआ है. बीजिंग में 27 नवंबर तक घर से निकलने पर रोक लगा दी गई है. लोगों को घर पर ही सारी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं. कई जगह कैंप लगाकर जांच बढ़ा दी गई है. बीजिंग में इस सप्ताह एक प्रदर्शनी केंद्र में अस्थायी अस्पताल बनाया गया और बीजिंग इंटरनेशनल स्ट्डीज यूनिवर्सिटी में भी आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया.

लॉकडाउन का चीन पर पड़ रहा बुरा असर
लॉकडाउन का चीन के कारोबार पर लगातार असर हो रहा है. एक्सपर्ट के मुताबिक, चीन की GDP में 20 प्रतिशत योगदान देने वाला झेंगझाउ इस वक्त भी लॉकडाउन या सख्त पाबंदियों से गुजर रहा है. उसके केंद्रीय बैंक भी अगले साल चीन की ग्रोथ को 4.3 प्रतिशत से घटाकर 4 प्रतिशत आंक रहे हैं. ग्रोथ घटने की सबसे बड़ी वजह मुख्य कारोबारी हब शंघाई में दो अप्रैल से लागू हुए दो महीने का लॉकडाउन भी है. चीन में अब तक 3.44 अरब से ज्यादा वैक्सीन लग चुकी हैं. वहीं करीब 80 करोड़ से ज्यादा एडिशनल डोज भी दी जा चुकी हैं.

लोग कर रहे कोविड पॉलिसी का विरोध
करीब 93 फीसदी लोगों को वैक्सीन लग चुकी है. इनमें 91 फीसदी तो ऐसे हैं, जो फुली वैक्सिनेडेट हैं. इसके अलावा 58 फीसदी को एडिशनल डोज तक लग चुकी है. मतलब चीन की वैक्सीन भी चाइनीज सामान की तरह दो कौड़ी का साबित हुआ है. जाहिर है कि चीन में स्थिति बहुत खराब है. जीरो कोविड पॉलिसी के तहत सरकार कोरोना को कंट्रोल करना चाहती है. लेकिन लोग इसका विरोध कर रहे हैं. कई इलाकों में स्वास्थ्यकर्मी और आमलोगों में मारपीट भी हुई है.

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