April 24, 2024

पाटन में “भरोसे का सम्मेलन’ का आयोजन: CM भूपेश ने किया 443 करोड़ रुपए से ज्यादा के 88 कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन


पाटन: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के विधानसभा क्षेत्र पाटन में रविवार को “भरोसे का सम्मेलन’ आयोजित किया गया। स्पीकर चरणदास महंत और कुमारी सैलजा समेत मंत्री ताम्रध्वज साहू और गुरु रुद्रकुमार की मौजूदगी में आयोजित इस सम्मेलन में भूपेश बघेल ने 443 करोड़ रुपए से ज्यादा की लागत के 88 कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इसके अलावा राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत पिछले साल बेचे गए धान की पहली किस्त बैंक खातों में ट्रांसफर की गई।


सीएम भूपेश ने अपने सम्बोधन में कहा कि “भरोसे के सम्मेलन” सबसे पहले मुंगेली जिले के सरगांव में 25 मार्च को हुआ। जहां सभी लोग थे, लाखों की तादाद में किसान, मजदूर, नौजवान वहां पहुंचे थे। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव जी ने देश का नेतृत्व किया, उनका योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। वे सबसे नौजवान प्रधानमंत्री रहे। देश की सेवा में पूरा जीवन और अखण्डता के लिए अपनी जान गंवा दी। उन्हें शत शत नमन करता हूं।

सीएम आगे बोले- राजीव गांधी का कहना था कि जब तक किसान मजबूत नहीं होगा, देश की अर्थव्यवस्था मजबूत नहीं होगी, हमने इस विचार को साकार करने का काम किया। आज छत्तीसगढ़ के किसान समृद्ध हो रहे हैं। हर वर्ग के हित में काम हो रहा है। कोरोना काल में जहां रोजी, रोटी का संकट था, हमने मजदूरों को काम दिया, कोरोना में लाखों परिवारों को पैसे मिले। किसानों के लिए लगातार काम कर रहे हैं। रकबा बढ़ गया, उत्पादन बढ़ गया। कृषि की ओर लोगों की रुचि आ रही है। आज 112 करोड़ रुपए मजदूर भाइयों के खाते में गए हैं।

सम्मेलन में विभिन्न तरह की न्याय योजनाओं के लाभार्थियों को 2 हजार 28 करोड़ 92 लाख रूपए का वितरण किया गया है। रूरल इंडस्ट्रियल पार्क में अच्छा काम हो रहा है। युवा जुड़कर काम कर रहे हैं। किसानों की आय दो-गुनी हो गई है, महिलाएं स्वावलंबी हो रही हैं। राशनकार्ड सभी का बन गया है।

हम छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपरा के लिए काम करते आ रहे हैं। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव, आदिवासी परब सम्मान निधि से आदिवासियों की परंपरा को बढ़ावा मिल रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि हम किसानों के उत्थान के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं।

65 प्रकार से अधिक लघुवनोपजों की खरीदी हो रही है। नरवा के माध्यम से पानी रोककर जंगल को हराभरा कर रहे है, गौठान के जरिये गौ माता की सेवा कर रहे हैं। नगर सैनिकों, कोटवारों और पटेलों का मानदेय बढ़ाकर उन्हें सम्मान दिया है। रीपा में नौजवानों को रोजगार देने के साथ साथ वाई-फाई भी शुरू किया।धरती माता की सेवा के साथ साथ हम किसानों की सेवा भी कर रहे है। महात्मा गांधी के नाम से सांकरा में हार्टिकल्चर यूनिवर्सिटी बनाकर कृषि उन्नतिकरण की दिशा में कार्य कर रहे है।


You may have missed