February 25, 2024

चीन में रहस्यमयी बीमारी से मचा हड़कंप: भारत में एडवाइजरी जारी, राज्यों से कहा- ऑक्सीजन-दवाएं तैयार रखें


चीन में फैले रहस्यमयी बीमारी को लेकर भारत सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एडवाइजरी जारी की है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से पब्लिक हेल्थ सिस्टम को अपडेट करने के लिए कहा है


इसके अलावा किसी बड़ी बीमारी के फैलने को लेकर अस्पतालों में तैयारी करने के लिए भी कहा गया है। वहीं, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने भी च‍िंता जाह‍िर करते हुए चीन से इस बीमारी से जुड़ी जानकारी मांगी है।

रहस्यमयी बीमारी पर हमारी नजर: हेल्थ मिनिस्ट्री
24 नवंबर को हेल्थ मिनिस्ट्री ने बताया था कि वो चीन में फैल रही रहस्यमयी बीमारी पर नजर रख रही है। हेल्थ मिनिस्ट्री ने कहा था- चीन में बच्चों में H9N2 मामलों और सांस से जुड़ी बीमारी के फैलने की बारीकी से निगरानी की जा रही है।

वहीं, चीनी अधिकारियों का कहना है कि मार्च तक इस बीमारी का खतरा ज्यादा है। इसके अलावा अधिकारियों ने कोविड-19 संक्रमण के फिर से बढ़ने के खतरे को लेकर भी चेतावनी दी है।

बीमारी को फैलने से रोकने के लिए चीन के स्कूल बंद
दरअसल, 23 नवंबर को चीनी मीडिया ने स्कूलों में एक रहस्यमय बीमारी फैलने की बात कही थी। पीड़ित बच्चों में फेफड़ों में जलन, तेज बुखार, खांसी और जुकाम जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं। बीमारी को फैलने से रोकने के लिए स्कूलों में छुट्टी कर दी गई।

1200 मरीज हर दिन इमरजेंसी में भर्ती हो रहे
रहस्यमयी बीमारी के चलते चीन की राजधानी बीजिंग और उसके 500 मील (करीब 800 किमी) के दायरे में सभी अस्पताल मरीजों से भर गए हैं। अलजजीरा के मुताबिक, बीजिंग के एक अस्पताल में इस बीमारी से पीड़ित करीब 1200 मरीज हर दिन इमरजेंसी में भर्ती हो रहे हैं।

वहीं, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने बताया कि चीन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सांस से जुड़ी एक बीमारी फैलने की जानकारी दी थी।

दुनियाभर में अलर्ट जारी
प्रो-मेड नाम के एक सर्विलांस प्लेटफॉर्म ने चीन में निमोनिया को लेकर दुनियाभर में अलर्ट जारी किया है। ये प्लेटफॉर्म इंसानों और जानवरों में फैलने वाली बीमारियों की जानकारी रखता है। प्रो-मेड ने कोरोना को लेकर भी दिसंबर 2019 में एक अलर्ट जारी किया था।

प्रो-मेड की रिपोर्ट के मुताबिक ये अभी तक पता नहीं चल पाया है कि इस बीमारी ने कब फैलना शुरू किया। प्लेटफॉर्म ने ये भी नहीं बताया कि ये बीमारी सिर्फ बच्चों तक सीमित है या युवाओं और बुजुर्गों को भी अपनी चपेट में ले रही है।


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