December 8, 2022

राजधानी में ड्रग विभाग ने की बड़ी कार्रवाई: खाने पीने की जनरल चीज़ें बेचने पर किया गया लक्ष्मी मेडिकल स्टोर को सील

रायपुर। कोरोना वायरस कोविड-19 के संक्रमित मामले 28 सौ पार कर चुके हैं। कलेक्टर रायपुर द्वारा 9 अप्रैल से 19 अप्रैल तक कड़ा लॉक डाऊन लगाया गया है। मेडिकल स्टोर्स को खुले रखने की छूट का बेजा फायदा उठाते हुए लक्ष्मी मेडिकल स्टोर्स समूह के तेलीबांधा जय जवान पेट्रोल पंप से लगी हुई शाखा के संचालकों द्वारा दवाईयों की आड़ में डेली नीड्स की सामग्री बेची जा रही थी। सूचना मिलने पर सिविल लाईन्स थाना स्टाफ ने मौके पर पहुंचकर शिकायत को सही पाया एवं तत्काल लक्ष्मी मेडिकल स्टोर्स सीलबंद किया गया।

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मिली जानकारी के अनुसार राजधानी में कोरोना महामारी की विकरालता की वजह से लॉक डाउन किया गया है, ताकि लोग अपने घरों से बाहर ना निकले और खुद को सुरक्षित रख सकें। इस लॉक डाउन में केवल अत्यावश्यक सेवाओं को छूट प्रदान की गई है, जिसमें मेडिकल स्टोर्स शामिल हैं। राजधानी के तेलीबांधा इलाके में एक मेडिकल स्टोर ऐसा भी पाया गया, जहां पर दवाईयों से ज्यादा दूसरे डेली नीड्स के सामानों का स्टॉक भरकर रखा गया था। इसकी जानकारी मिलते ही नगर निगम और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए श्री लक्ष्मी मेडिकल स्टोर्स को सील कर दिया है।

राजधानी में यह चौंकानें वाली सच्चाई सामने आई है, जहां लॉक डाउन की वजह से छोटा-मोटा रोजगार कर अपने परिवार का भरण-पोषण करने वाले भी अपने घरों में दुबककर बैठे हैं, तो दूसरी तरफ मेडिकल संचालक दवाईयों की आड़ में डेली नीड्स के सामान मसलन, आईसक्रीम, वेफर्स, चिप्स, चॉकलेट, कोल्डड्रिंक्स सहित अन्य शौकियाना लोगों के स्टॉक भरकर रखा हुआ था। यह हाल राजधानी के तेलीबांधा इलाके में ठीक ईओडब्लू दफ्तर के सामने मेडिकल स्टोर्स का है, जिसे आज निगम अफ सरों और पुलिस की टीम ने रंगे हाथों धर दबोचा और सील कर दिया। गौर करने वाली बात है कि राजधानी सहित पूरे जिले में 19 अप्रैल तक पूर्ण लॉक डाउन किया गया है। इसके पीछे उद्देश्य कोरोना संक्रमण के विस्तार को रोकना है। मेडिकल स्टोर्स को अत्यावश्यक सेवाओं में इसलिए रखा गया है, ताकि दवाईयों की कमी की वजह से किसी शख्स की जान ना जाए, लेकिन मेडिकल की आड़ में दूसरे सामानों को बेचा जाना, निश्चित ही कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है।

 

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