December 8, 2022

Bhimrao Ambedkar Jayanti 2021 : जानिए आखिर आज के दिन क्यों मनाया जाता है डाॅ० भीमराव अम्बेडकर जयंती

अम्बेडकर जयंती (Ambedkar Jayanti) या भीम जयंती (Bhim Jayanti) डाॅ० भीमराव आम्बेडकर (Dr. Bhimrao Ambedkar) जिन्हें डॉ० बाबा साहेब अम्बेडकर (Dr. Baba Saheb Ambedkar) के नाम से भी जाना जाता है, का जन्मदिन 14 अप्रैल को पर्व के रूप में भारत समेत पूरे विश्व में मनाया जाता है। इस दिन को ‘समानता दिवस’ (Equality day) और ‘ज्ञान दिवस’ (Knowledge day) के रूप में भी मनाया जाता है, क्योंंकि जीवन भर समानता के लिए संघर्ष करने वाले अम्बेडकर को समानता और ज्ञान के प्रतीक माना जाता है। अम्बेडकर को विश्व भर में उनके मानवाधिकार आंदोलन संविधान निर्माता और उनकी प्रकांड विद्वता के लिए जाने जाते हैं और यह दिवस उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है। अम्बेडकर की पहली जयंती सदाशिव रणपिसे इन्होंने 14 अप्रेल 1926 में पुणे  शहर में मनाई थी। रणपिसे अम्बेडकर के अनुयायी थे। उन्होंने अम्बेडकर जयंती की प्रथा शुरू की और भीम जयंती के अवसरों पर बाबा साहेब की प्रतिमा हाथी के अंबारी में रखकर रथसे, उंट के उपर कई मिरवणुक निकाली थी।

अम्बेडकर के जन्मदिन पर हर साल उनके करोड़ों अनुयायी उनके जन्मस्थल भीम जन्मभूमि महू (मध्य प्रदेश), बौद्ध धम्म दीक्षास्थल दीक्षाभूमि, नागपुर, उनका समाधी स्थल चैत्य भूमि, मुंबई जैसे कई स्थानिय जगहों पर उन्हें अभिवादन करने लिए इकट्टा होते है। सरकारी दफ्तरों और भारत के बौद्ध-विहारों में भी आंबेडकर की जयंती मनाकर उन्हें नमन किया जाता है। विश्व के 100 से अधिक देशों में आंबेडकर जयंती मनाई जाती है।

गुगल (Google) ने डॉ॰ आंबेडकर की 125 वी जयंती 2015 पर अपने ‘गुगल डुडल’ (Google doodle) पर उनकी तस्वीर लगाकर उन्हें अभिवादन किया। तीन महाद्विपों के देशों में यह डुडल था।

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