April 22, 2026

राज्यपाल ने तीन संशोधन विधेयकों में किए हस्ताक्षर, शहीद महेन्द्र कर्मा’ के नाम से जाना जायेगा बस्तर विश्वविद्यालय

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रायपुर। राज्यपाल ने बंदी संशोधन विधेयक, 2021 में हस्ताक्षर किए। इसके अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य को लागू हुए रूप में बन्दी अधिनियम, 1900 (1900 सं. 3) (जो इसमें इसके पश्चात् मूल अधिनियम के रूप में निर्दिष्ट है), को इसमें इसके पश्चात उपबंधित रीति में संशोधित किया जाए।) मूल अधिनियम की धारा 31-क में उप-धारा (1) में, शब्द ‘‘इक्कीस’’ के स्थान पर, शब्द ‘‘बयालीस’’ प्रतिस्थापित किया जाए। उप-धारा (3) में खण्ड (i) में, शब्द ‘‘दो’’ के स्थान पर, शब्द ‘‘तीन’’ प्रतिस्थापित किया जाए तथा खण्ड (ii) में, शब्द ‘‘दस’’ के स्थान पर, शब्द ‘‘चौदह’’ प्रतिस्थापित किया जाए। यह अधिनियम बन्दी (छत्तीसगढ़ संशोधन) अधिनियम, 2021 कहलायेगा।


इसके साथ ही छत्तीसगढ़ विद्युत शुल्क संशोधन विधेयक और छत्तीसगढ़ विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2020 में हस्ताक्षर किए। छत्तीसगढ़ विद्युत शुल्क अधिनियम, 1949 (क्र. 10 सन् 1949) की धारा 5 की उपधारा (2) के पश्चात यह जोड़ा जाए, अर्थात अधिनियम में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, मुख्य विद्युत निरीक्षक इस अधिनियम के अधीन अपनी शक्तियों का प्रयोग और अपने कृत्यों का पालन करने में, किसी व्यक्ति, अधिकारी या प्राधिकारी को लिखित रूप में, ऐसे विद्युत उत्पादन केन्द्र जिसका विद्युत शुल्क और उस पर अधिभारित ब्याज की राशि का भुगतान बकाया है, को विद्युत लाइन से पृथक करने के लिए निर्देश दे सकेगा और ऐसा व्यक्ति, अधिकारी या प्राधिकारी ऐसे निर्देशों का पालन करने के लिए बाध्य होगा।’’

उल्लेखनीय है कि यह अधिनियम छत्तीसगढ़ विद्युत शुल्क (संशोधन) अधिनियम, 2021 कहलाएगा। इस अधिनियम का विस्तार संपूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य पर होगा। वहीं छत्तीसगढ़ विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक के अनुसार मूल अधिनियम की द्वितीय अनुसूची के भाग-दो (पुनरीक्षित) के सरल क्रमांक 1 के कॉलम (2) की प्रविष्टियों में, शब्द ‘‘बस्तर विश्वविद्यालय’’ के स्थान पर, शब्द ‘‘शहीद महेन्द्र कर्मा विश्वविद्यालय, बस्तर’’ प्रतिस्थापित किया जाये।

छत्तीसगढ़ विश्वविद्यालय अधिनियम, 1973 (क्र. 22 सन् 1973) (जो इसमें इसके पश्चात् मूल अधिनियम के रूप में निर्दिष्ट है) की धारा 69 के पश्चात्, निम्नलिखित जोड़ा जाये, अर्थात (70) स्थापित नवीन विश्वविद्यालय के लिए अध्यादेश, परिनियम एवं विनियम- इस अधिनियम के द्वितीय अनुसूची के भाग-दो (पुनरीक्षित) के संशोधन के फलस्वरूप स्थापित नवीन विश्वविद्यालय के लिए वही अध्यादेश, परिनियम एवं विनियम लागू माने जायेंगे, जो कि विद्यमान विश्वविद्यालय, जिससे नवीन विश्वविद्यालय निर्मित किया गया हो, के लिए लागू है। उल्लेखनीय है कि यह अधिनियम छत्तीसगढ़ विश्वविद्यालय (संशोधन) अधिनियम, 2020 कहलायेगा। इसका विस्तार संपूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य में होगा।


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