April 20, 2026

Hanuman Jayanti 2022: हनुमान जयंती पर न करें यह काम, नहीं तो पड़ सकता है पछताना

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रायपुरः हनुमान जयंती इस बार 16 अप्रैल शनिवार को मनाया जायेगा। भगवान हनुमान को शिव का 11वां अवतार माना जाता है। चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा के दिन हनुमान जयंती मनाई जाती है। हनुमान जयंती पर विधि-विधान के साथ पूजा करने पर वह प्रसन्न होते हैं और सिद्धि प्रदान करते हैं।


इस बार हनुमान जयंती पर विशेष संयोग बन रहा है। हनमान जयंती चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा 16 अप्रैल को दोपहर 2.25 बजे से प्रारंभ होगी और 17 अप्रैल दोपहर 12.24 बजे खत्म होगी। हनुमान जयंती रवि और हर्षना योग के साथ ही हस्त और चित्रा नक्षत्र का संयोग बन रहा है। 16 अप्रैल को सुबह 5.55 से 8.40 बजे तक रवि योग है। इस योग में हनुमान की पूजा करने से कई गुना फल मिलता है।

हनुमान की पूजा विधि
• हनुमान जयंती के दिन प्रातः काल स्नान करने के बाद लाल या पीले रंग का वस्त्र पहनकर पूजा करें।
• हनुमान को गुलाब के फूल की माला चढ़ाएं
• हनुमान जी की पूजा में बूंदी या बेसन के लड्डू का भोग लगाना चाहिए।
• उन्हें चोला जरूर चढ़ाना चाहिए। इसके अलावा उन्हें सिंदूर और लंगोट भी चढ़ाना चाहिए।
• हनुमान के समक्ष एक सरसों और एक घी का दीपक जलाएं और वहीं बैठकर हनुमान जी का ध्यान करते हुए बजरंग बाण का पाठ करें।
• हनुमान जयंती के दिन सुंदरकांड का पाठ बहुत लाभदायक होता है।
• हनुमान मंदिर जाकर उड़द के 11 दाने, सिंदूर, चमेली का तेल, फूल, प्रसाद आदि चढ़ाएं, इसके बाद हनुमान चालीसा का पाठ करें लाभ होगा।

कष्टों से परेशान होने पर 11 पीपल के पत्ते लें। उसे साफ कर चंदन या कुमकुम से श्री राम का नाम लिखें। इसकी माला बनाकर हनुमान को पहना दें। ऐसा करने से हर तरह के संकट मिट जाएंगे साथ ही धन से संबंधित समस्या भी दूर होगी।

भूल कर भी न करें यह काम
काले या सफेद रंग के कपड़े पहनकर हनुमान जी की पूजा करने से नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

हनुमान का व्रत रखने पर नमक का सेवन न करें।

हनुमान जयंती के दिन घर में किसी भी व्यक्ति को मास-मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए।

हनुमान की पूजा करते समय गुस्सा होना विपरित असर डालता है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी मान्यताओं और जनश्रुतियों पर आधारित है। जेकेसी न्यूज– (JKC NEWS– जनहित खबर छत्तीसगढ़) किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। इस पर अमल करने से पहले योग्य विद्वान से सलाह लें।


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