March 10, 2026

Bhilai Ka Battisi Bangla: छत्तीसगढ़ की सबसे डरावनी जगह! जहां रात के सन्नाटे में सफेद साड़ी वाली लड़की मांगती है लिफ्ट, अगर दिया तो फिर….


Bhilai Ka Battisi Bangla: छत्तीसगढ़ अपनी प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहरों और सांस्कृतिक विविधता के लिए जाना जाता है, लेकिन यहां कुछ जगहें ऐसी भी हैं जो रहस्य और डर की परछाई से ढकी हुई हैं। इन जगहों में सबसे चर्चित नाम है भिलाई का “बत्तीस बंगला” (Bhilai Ka Battisi Bangla) दिन में यह जगह खामोश खंडहर जैसी दिखती है, लेकिन रात होते ही यहां का माहौल बदल जाता है। कहा जाता है, जब अंधेरा उतरता है तो यहां की हवा में एक अजीब-सी ठंडक और सन्नाटा फैल जाता है, मानो कोई अदृश्य ताकत आसपास मौजूद हो।


कल्पना कीजिए — आप रात के सन्नाटे में अपनी गाड़ी से गुजर रहे हैं, और सड़क किनारे सफेद साड़ी पहने एक लड़की लिफ्ट मांगती दिखे। कई लोग दावा करते हैं कि भिलाई के बत्तीस बंगले के पास कुछ ऐसा ही नज़ारा देखने को मिला है। और यहीं से शुरू होती है इस जगह की सबसे डरावनी कहानी…

इतिहास से जुड़ा रहस्य: ब्रिटिश काल से शुरू हुआ किस्सा

बत्तीस बंगला का निर्माण ब्रिटिश शासनकाल के दौरान, 1950 के दशक में किया गया था। यह कॉलोनी भिलाई के गैरेज रोड के पास, एक छोटे से पुल के आसपास स्थित है।

उस समय इसे ब्रिटिश अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए तैयार किया गया था, जो भिलाई स्टील प्लांट की स्थापना से जुड़े कार्यों में लगे थे।

यहां 32 छोटे-छोटे बंगले बेहद सुनियोजित तरीके से बनाए गए थे। यह एक समय पर विदेशी अफसरों की आलीशान कॉलोनी मानी जाती थी, जहां रोशनी, चहल-पहल और संगीत की गूंज होती थी। लेकिन धीरे-धीरे वक्त बदला।

आजादी के बाद 1990 के दशक में यह इलाका वीरान होने लगा — लोग यहां से जाने लगे, और कुछ वर्षों में यह पूरी कॉलोनी खंडहर में बदल गई। टूटी छतें, झाड़ियों से ढके दरवाजे और सूने रास्ते अब इस जगह की पहचान बन गए हैं।

भूतिया कहानी: सफेद साड़ी वाली लड़की की दास्तान

भिलाई के लोगों के बीच एक कहानी दशकों से चली आ रही है। कहा जाता है कि सेक्टर-9 के अस्पताल में एक युवती ने आत्महत्या कर ली थी। उसी की आत्मा अब बत्तीस बंगले के आसपास भटकती है।

रात में इस इलाके से गुजरने वाले कई ड्राइवरों ने बताया है कि उन्होंने सफेद साड़ी पहने एक खूबसूरत लड़की को लिफ्ट मांगते देखा। जब कोई दया दिखाकर गाड़ी रोकता है — वह लड़की मुस्कुराते हुए बैठती है, लेकिन कुछ ही पलों में गायब हो जाती है!

स्थानीय लोगों का कहना है कि उसके बाद गाड़ी के शीशों पर हाथ के निशान या ठंडी हवा का झोंका महसूस होता है। कई लोग दावा करते हैं कि उस लड़की की आत्मा सड़क पर खड़ी होकर आने-जाने वालों को डराती है और फिर धुंध में विलीन हो जाती है।

बत्तीस बंगला का वर्तमान रूप — डर का पर्याय

आज बत्तीस बंगला का इलाका पूरी तरह सुनसान है। यहां के पुराने बंगले खंडहरों में तब्दील हो चुके हैं। दीवारों पर बेलें लिपटी हैं, और टूटी खिड़कियों से हवा गुजरती है तो एक सिहरन पैदा होती है।

भिलाई के सेक्टर-2 के पास NH-30 से होकर इस जगह तक आसानी से पहुंचा जा सकता है, लेकिन रात के समय कोई भी यहां नहीं आता।

कुछ रोमांचप्रिय लोग दिन में यहां घूमने की कोशिश करते हैं, लेकिन जैसे ही सूरज ढलने लगता है — इस पूरे इलाके पर एक अजीब सा सन्नाटा छा जाता है। स्थानीय निवासी अब भी मानते हैं कि रात के समय यहां जाना खतरनाक है, क्योंकि यह जगह “अदृश्य शक्तियों का बसेरा” बन चुकी है।


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