May 12, 2026

BREAKING : IND vs ENG टेस्ट सीरीज से पहले बुरी खबर, इस दिग्गज तेज गेंदबाज का निधन

nidhan

भारत और इंग्लैंड (India vs England) के बीच 4 अगस्त से पांच मैचों की टेस्ट सीरीज की शुरुआत होने वाली है, लेकिन इस सीरीज से ठीक पहले इंग्लैंड क्रिकेट (England Cricket) के लिए एक बुरी और दुखद खबर आई है. इंग्लैंड के पूर्व तेज गेंदबाज माइक हैंड्रिक (Mike Hendrick) का मंगलवार 27 जुलाई को निधन हो गया. हैंड्रिक 72 साल के थे.


हैंड्रिक कैंसर से जूझ रहे थे और मंगलवार को उनके लंबे संघर्ष का दुखद अंत हुआ. इंग्लैंड के लिए 52 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले हैंड्रिक का भारत के खिलाफ रिकॉर्ड शानदार रहा था और दोनों देशों के बीच अगले महीने शुरू होने वाली सीरीज का पहला मैच उसी नॉटिंघमशर काउंटी (Nottingham) के मैदान में खेला जाएगा, जिसके लिए उन्होंने अपने करियर के आखिरी दो सीजन फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेला.

हैंड्रिक का जन्म 22 अक्टूबर 1948 को इंग्लैंड के डर्बीशर में हुआ था. इसी काउंटी की ओर से उन्होंने 1969 में अपने फर्स्ट क्लास करियर की शुरुआत की, जहां से उन्होंने इंग्लैंड की टेस्ट और वनडे टीम में अपनी जगह बनाई थी. पांच साल बाद 1974 में उन्होंने अपना टेस्ट डेब्यू किया था. उन्होंने इंग्लैंड के लिए 7 साल तक टेस्ट और वनडे क्रिकेट खेला. हालांकि, वह ज्यादा लंबे वक्त तक और ज्यादा मुकाबलों में इंग्लिश टीम का हिस्सा नहीं रहे, लेकिन उनका प्रदर्शन काफी प्रभावी रहा.

भारत के खिलाफ हेंड्रिक का दमदार प्रदर्शन
अपने 30 टेस्ट मैच के करियर में हैंड्रिक ने 25.8 की औसत से 87 विकेट झटके, जबकि 22 वनडे में उनके नाम 19 की औसत से 35 विकेट आए. हैंड्रिक का प्रदर्शन भारत के खिलाफ शानदार रहा. उन्होंने भारत के खिलाफ ही 1974 में मैनचेस्ट में अपना टेस्ट डेब्यू किया था.

भारत के खिलाफ खेले 7 टेस्ट मैचों में हैंड्रिक ने 16 की औसत और 49 के स्ट्राइक रेट से 26 विकेट लिए थे. हैंड्रिक ने कभी पारी में पांच विकेट तो नहीं झटके, लेकिन उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भारत के खिलाफ डेब्यू सीरीज में ही आया था. तब उन्होंने बर्मिंघम टेस्ट की पहली पारी में सिर्फ 28 रन देकर 4 विकेट अपने नाम किए थे.

हैंड्रिक का फर्स्ट क्लास करियर बेहद शानदार रहा और उन्होंने 267 मैचों में 770 विकेट झटककर अपनी टीम डर्बीशर को कई मुकाबले जिताए और 1981 में काउंटी चैंपियन भी बनाया. वह 13 साल तक डर्बी से जुड़े रहे और फिर आखिरी दो सीजन के लिए नॉटिंघमशर में शामिल हो गए.


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