April 23, 2026

कार इंश्योरेंस को लेकर एक बड़ा फैसला: जानिए क्या है ‘बंपर-टू-बंपर’ इंश्योरेंस जिसको लेकर आया है बड़ा फैसला

bumper to bumper insurance

Bumper-to-Bumper insurance: मद्रास हाईकोर्ट ने कार इंश्योरेंस को लेकर एक बड़ा फैसला दिया है. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि 1 सितंबर से नए वाहनों के लिए ‘बंपर-टू-बंपर’ इंश्योरेंस कराना जरूरी किया जाना चाहिए. यह इंश्योरेंस वर्तमान कार इंश्योरेंस से अलग होगा. कार खरीदने पर पांच सालों के लिए ड्राइवर, पैसेंजर और कार मालिक इंश्योर्ड रहता है.


कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि “bumper-to-bumper” इंश्योरेंस कम से कम पांच सालों के लिए जरूरी है. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि 1 सितंबर के बाद जब कोई कार बेची जाएगी तो अलग से यह इश्योरेंस पॉलिसी जरूरी है. इसके तहत ड्राइवर, पैसेंजर और कार ओनर का कवरेज से अलग होगा. वर्तमान नियम के मुताबिक, कार खरीदने के पांच साल बाद बंपर इंश्योरेंस को बढ़ाने की कोई पॉलिसी नहीं है.

न्यू इंडिया एश्योरेंस की याचिका पर सुनवाई
मद्रास हाईकोर्ट न्यू इंडिया एश्योरेंस की तरफ से एक मामले में रिट पिटीशन पर सुनवाई कर रहा था. इंश्योरेंस कंपनी ने 7 दिसंबर 2019 को इरोड स्पेशल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट (मोटर एक्सिडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल) के फैसले को चुनौती दी थी. अपनी याचिका में न्यू इंडिया एश्योरेंस की तरफ से कहा गया कि कंपनी केवल थर्ड पार्टी की तरफ से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार है. अगर कार चालक की तरफ से एक्सिडेंट होता है तो कंपनी इस नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं है.

कार खरीदने के दौरान इंश्योरेंस लेकर हो पूरी जानकारी
कोर्ट ने अपना फैसला सुनाने से पहले कहा कि जब कोई कार खरीदता है तो उसे इंश्योरेंस को लेकर ना तो पूरी जानकारी शेयर की जाती है और ना ही ग्राहकों की इसमें दिलचस्पी होती है. यह दुखद है कि एक बायर कार खरीदने के लिए मोटी रकम देने को तैयार होता है, लेकिन इंश्योरेंस खरीदने के दौरान थोड़े से पैसे के लिए वह हिचकिचाता है.


You may have missed