August 25, 2026

छत्तीसगढ़ में हुए ट्रिपल मर्डर का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर सुलझाई गुत्थी : पड़ोसी ही निकला आरोपी…करना चाहता था महिला से प्रेम संबंध स्थापित

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अंबिकापुर। आख़िरकार लेंगा गाँव में हुए तिहरे हत्याकांड के आरोपी को पुलिस ने 48 घंटे के भीतर पकड़ लिया है। लेंगा में 29 वर्षीय विधवा महिला उसके दस वर्षीय पुत्र और क़रीब पचपन साठ दरमियानी उम्र के ससुर की हत्या हो गई थी। पुलिस ने हत्यारोपी के रुप में जिसे पकड़ा है, वह पड़ोसी ही है। आरोपी पड़ोसी मृतक महिला से प्रेम संबंध स्थापित करना चाहता था और महिला ने इसका हमेशा प्रतिरोध किया था। बौखलाए पड़ोसी ने प्रतिरोध की वजह से इस वारदात को अंजाम दिया। हत्यारोपी पहले केवल महिला की हत्या करने गया था, लेकिन बच्चे के जागने और महिला के ससुर के पहुँच जाने के बाद वे हत्या के गवाह ना बन जाएँ इसलिए उनकी भी हत्या कर दी गई।


पकड़ा गया आरोपी 3 बच्चों का बाप है। वह महिला से प्रेम संबंध बनाना चाहता था, लेकिन उसने बार-बार इनकार किया। इस पर आरोपी ने घर में घुसकर चाकू से महिला का गला रेत दिया। इस दौरान महिला के 10 साल के बच्चे और ससुर ने बीच-बचाव किया तो उनकी भी निर्ममता से हत्या कर दी।

दरअसल, गुरुवार सुबह उदयपुर क्षेत्र के लैंगा गांव निवासी कलावती सिरदार (27) पत्नी सव. भजन सिदार का शव घर में पड़ा मिला था। जबकि उसके 10 साल के बेटे चंद्रिका का शव घर से करीब 50 मीटर दूर सड़क किनारे और ससुर मेघूराम सिरदार (50) का शव वहीं से थोड़ी दूर मिला था। महिला अपने बेटे के साथ रहती थी, जबकि मेघूराम पड़ोस के मकान में रहता था। तीनों की गला रेत कर हत्या की गई थी। बच्चे के पेट में भी चाकू से वार किया गया था।

पुलिस ने इस संबंध में ग्रामीणों से पूछताछ शुरू की। करीब 100 अलग-अलग लोगों से पूछताछ के दौरान अवैध संबंधों की बात सामने आ रही थी। इस बीच पुलिस ने महिला के पड़ोसी अरविंद सिरदार को संदिग्ध मान हिरासत में लिया था। उसके चेहरे और शरीर पर खून के धब्बे मिले थे। ग्रामीणों से उसको लेकर जानकारी मिली थी। पुलिस ने पूछताछ की तो अरविंद पहले तो गुमराह करता रहा, फिर सख्ती की गई तो हत्या करना स्वीकार कर लिया।

अरविंद ने पुलिस को बताया कि वह कलावती से प्रेम संबंध बनाना चाहता था, लेकिन वह बार-बार मना कर देती थी। इस बीच एक अन्य युवक से उसके घर आते देखा तो भड़क गया। बुधवार रात करीब 12 बजे अरविंद कलावती के घर पहुंचा। उसके दरवाजा खोलने के बाद कलावती गुस्से में चिल्लाने लगी कि इतनी रात को क्यों आए हो। इस पर अरविंद ने चाकू से कलावती पर वार कर दिया, लेकिन बचने की कोशिश में उसके बेटे चंद्रिका के पेट में लग गया।

पेट में चाकू लगते ही चंद्रिका निकल कर घर से बाहर भागा, लेकिन कुछ दूर जाकर गिर गया। इसके बाद अरविंद ने पहले कलावती का गला रेत दिया, फिर चंद्रिका के का भी गला काट दिया। शोर और चीख-पुकार सुनकर ससुर मेघूराम पहुंचे तो आरोपी ने उनको भी मार डाला। इसके बाद चाकू खेत में छिपा दिया, जबकि खून से सने कपड़े और कलावती का मोबाइल जला दिया। पुलिस ने चाकू और जले हुए कपड़े व मोबाइल बरामद कर लिए हैं


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