August 25, 2026

हाईकोर्ट ने हसदेव क्षेत्र के ग्रामीणों की याचिका की ख़ारिज…

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बिलासपुर: छत्तीसगढ़ की बिलासपुर हाईकोर्ट ने परसा कोल ब्लॉक के लिए जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया को विधिसम्मत मानते हुए अपना फैसला सुनाया है। कोर्ट ने अपने फैसले में कोयले की वर्तमान स्थिति को देखते हुए इस खदान को शुरू करने की अनुमति दे दी है।


मिली जानकारी के अनुसार, उच्च न्यायालय ने याचिका क्रमांक Wpc/2541/2020 WPC/302/2022, WPC/698/2022, WPC/560/2022, WPC/1247/2022 राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम को आवंटित परसा कोल ब्लॉक में माइनिंग करने और जमीन अधिग्रहण के खिलाफ हसदेव क्षेत्र के ग्रामीणों की दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने परसा कोल ब्लॉक के लिए जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया को विधिसम्मत मानते हुए अपना फैसला सुनाया है। देश में कोयले की वर्तमान किल्लत को देखते हुए यह खदान के शुरुआत के लिए आवश्यक था।

याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव श्रीवास्तव और अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव, रोहित शर्मा, रजनी सोरेन और सौरभ साहू ने पक्ष रखा। राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम के ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ निर्मल शुक्ला और अधिवक्ता शैलेंद्र शुक्ला ने पक्ष रखा। राजस्थान कोलियरीज के ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नमन नागरथ और अर्जित तिवारी ने शासन के ओर से हरप्रीत सिंह अहलूवालिया उपमहाधिवक्ता ने मामले की पैरवी की।


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