Dawai Ki Patti Par Bani Rangeen Line: लाल, हरा, नीला या काला: दवाइयों की पट्टी पर बनी रंगीन धारियां बताती हैं बड़ा राज, जानिए क्या कहती हैं ये कलर कोड्स
Dawai Ki Patti Par Bani Rangeen Line: जब भी हम किसी मेडिकल स्टोर पर दवाई लेने जाते हैं, तो आमतौर पर दवा की मैन्युफैक्चरिंग डेट और एक्सपायरी डेट देखकर ही संतुष्ट हो जाते हैं। लेकिन बहुत कम लोग इस बात पर ध्यान देते हैं कि दवा की स्ट्रिप यानी रैपर पर बनी रंगीन धारियां भी हमारी सेहत और सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण संदेश देती हैं।


कई बार लोग बिना डॉक्टर की सलाह के खुद से दवा ले लेते हैं, जो कई बार जानलेवा भी साबित हो सकता है। इसी जोखिम को कम करने के लिए दवाओं की पैकिंग पर इन रंगीन कोड्स का इस्तेमाल किया जाता है। आइए जानते हैं इन रंगों का क्या मतलब होता है—
लाल रेखा: डॉक्टर के पर्चे के बिना नहीं बिक सकती दवा
दवा की पट्टी पर बनी लाल रंग की मोटी लाइन सबसे अहम चेतावनी होती है। यह बताती है कि यह दवा शेड्यूल H कैटेगरी में आती है और इसे केवल डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन पर ही खरीदा जा सकता है। बिना पर्चे के ऐसी दवा बेचना या खरीदना कानूनन अपराध है।
इन दवाओं में ज्यादातर एंटीबायोटिक, ब्लड प्रेशर और हार्मोनल दवाएं शामिल होती हैं। लाल रेखा का मतलब है — “सावधानी जरूरी है, यह दवा केवल चिकित्सकीय सलाह पर ही ली जानी चाहिए।”
हरी रेखा: ओवर-द-काउंटर (OTC) दवाएं
अगर दवा की पट्टी पर हरी लाइन दिखे, तो यह दवा अपेक्षाकृत सुरक्षित मानी जाती है। ऐसी दवाओं को बिना डॉक्टर के पर्चे के भी खरीदा जा सकता है।
इनमें आमतौर पर बुखार, सिरदर्द, एसिडिटी, सर्दी-खांसी और दर्द निवारक दवाएं शामिल होती हैं। ये वे दवाएं हैं जो घरों में आमतौर पर रखी जाती हैं।
हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि इन दवाओं का ओवरडोज या मनमाना इस्तेमाल किया जा सकता है। हर दवा की एक सीमा होती है और ज्यादा मात्रा में सेवन से दुष्प्रभाव हो सकते हैं।
नीली रेखा: सावधानी से इस्तेमाल जरूरी
दवा की पैकिंग पर अगर नीली रंग की लाइन बनी हो, तो यह शेड्यूल G की दवाओं को दर्शाती है। यह श्रेणी मध्यम स्तर की चेतावनी वाली होती है।
ऐसी दवाओं का उपयोग एलर्जी, त्वचा रोग, हार्मोनल असंतुलन या लंबे समय तक चलने वाले इलाजों में किया जाता है।
इन दवाओं के सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह बेहद जरूरी है क्योंकि इनके साइड इफेक्ट्स लंबे समय तक रह सकते हैं।
काला बॉक्स: सबसे गंभीर चेतावनी
अगर किसी दवा की पैकिंग पर काला बॉक्स बना है, तो यह सबसे गंभीर चेतावनी होती है।
यह उन दवाओं के लिए होती है जिनसे गंभीर साइड इफेक्ट्स या जान का खतरा तक हो सकता है।
काले बॉक्स वाली दवाओं में कैंसर की कीमोथेरेपी की दवाएं, इम्यून सिस्टम दबाने वाली दवाएं, और कुछ शक्तिशाली एंटीबायोटिक्स शामिल हैं।
इन दवाओं का उपयोग केवल विशेषज्ञ डॉक्टर की निगरानी में ही किया जाता है।

