April 18, 2026

इन 28 राज्यों में ब्लैक फंगस का कहर: अब तक सामने आए 28 हजार मामले और 300 से ज्यादा लोगों की मौत

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So far cases of black fungus have been received from 28 states of the country:

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के बाद महामारी ब्लैक फंगस (black fungus) अब तक देश के 28 राज्यों में मिल चुकी है। कुछ दिन पहले तक 26 राज्यों में 19 हजार के करीब मामले सामने आए थे लेकिन सोमवार को मंत्री समूह की उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों ने बताया कि 28 राज्यों में अब तक 28 हजार से ज्यादा मामले सामने आए हैं। हालांकि बैठक के दौरान अधिकारियों ने मौत को लेकर जानकारी सार्वजनिक नहीं की है जिसके चलते फंगस की वजह से अब तक देश में करीब 300 मरीजों की मौत होने की जानकारी दी जा रही है।


बैठक में अधिकारियों ने बताया कि देश में 28,252 मरीज फंगस संक्रमित मिले हैं जिनमें से 86 फीसदी (24,370 मामले) मरीज कोरोना संक्रमित रहे हैं। वहीं इन मरीजों में 62.3 फीसदी (17,601) मधुमेह पहले से था। महाराष्ट्र में सबसे अधिक 6,339 मामले अब तक मिल चुके हैं। वहीं गुजरात में 5,486 लोग फंगस के शिकार हुए। इस दौरान जीनोम सिक्वेसिंग को लेकर अधिकारियों ने बताया कि 10 लैब में अब तक 30 हजार से अधिक सैंपल की सिक्वेसिंग पूरी हो चुकी है जिनके जरिए अलग अलग वैरिएंट के बारे में जानकारी भी मिल रही हैं।

इस दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि भारत में संक्रमण को लेकर हालात अब काफी तेजी से सुधर रहे हैं। कोरोना की रिकवरी दर भी बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि देश के 17 फीसदी सक्रिय मामले 26 राज्यों में हैं। सात राज्य दिल्ली, मध्यप्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, गुजरात, उत्तराखंड और झारखंड में रोजाना हजार से कम मामले मिल रहे हैं।

जबकि पांच राज्य जम्मू, पंजाब, बिहार, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश में यह संख्या दो हजार से कम है। यहां तक कि महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में भी मामलों की संख्या में भी महत्वपूर्ण दर से गिरावट देखी गई है। यहां संक्रमण की बढ़ोतरी दर 14.7 फीसदी (5 मई) से घटकर 3.48 फीसदी हो चुकी है।

28वीं बैठक में स्वास्थ्य मंत्री के अलावा विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर, केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप एस पुरी और नित्यानंद राय, एवं अश्विनी कुमार चौबे भी मौजूद थे। इनके अलावा नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल, डीबीटी सचिव डॉ. रेणु स्वरुप, स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक डॉ. सुनील कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद थे।

 


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