अगर चाहते हैं जीवन में न रहे कोई समस्या, तो आचार्य की ये 10 बातें याद रखें– आचार्य चाणक्य
आचार्य चाणक्य का जन्म एक निर्धन परिवार में हुआ था. आचार्य ने अपने जीवन में बहुत कठिन परिस्थितियां देखीं, लेकिन हर आपदा को अवसर में बदलना उन्हें बहुत अच्छी तरह से आता था. आचार्य बहुत तीक्ष्ण बुद्धि के धनी थे. उन्होंने कभी भी अपने संघर्ष को खुद पर हावी नहीं होने दिया. उन्होंने हर परिस्थिति का बारीकी से अध्ययन किया और उसका समाधान किया.


अपने हालातों से मिले अनुभवों से उन्होंने हमेशा दूसरों की मदद की और आजीवन लोगों को सही मार्ग दिखाते रहे. अपने ग्रंथ चाणक्य नीति में आचार्य ने ऐसी तमाम बातें लिखी हैं, जो आज भी लोगों के लिए काफी मददगार साबित होती हैं. आचार्य की तमाम बातों का अनुसरण करके व्यक्ति अपने जीवन की तमाम चुनौतियों का सामना आसानी से कर सकता है और अपने जीवन को समस्यामुक्त बना सकता है.
1. आग में घी डालना कभी ठीक नहीं होता, क्रोधी व्यक्ति को अधिक क्रोध दिलाना ठीक नहीं होता वर्ना आपका अहित भी हो सकता है.
2. मनुष्य की वाणी ही विष और अमृत की खान है. दुष्ट की मित्रता से शत्रु की मित्रता अच्छी होती है.
3. दूध के लिए हथिनी पालने की जरूरत नहीं होती यानी आवश्यकता के अनुसार साधन जुटाइए, मुसीबत को पहाड़ मानकर हावी मत कीजिए.
4. कठिन समय के लिए धन की रक्षा करनी चाहिए. धन ही है जो मुसीबत के समय सच्ची मित्रता निभाता है.
5. सुख का आधार धर्म है. धर्म का आधार अर्थ यानी धन है. अर्थ का आधार राज्य है और राज्य का आधार अपनी इन्द्रियों पर विजय पाना है.
6. जो व्यक्ति झूठ बोलता है, वो एक न एक दिन मुसीबत में जरूर फंसता है क्योंकि एक झूठ को छिपाने के लिए उसे कई झूठ बोलने पड़ते हैं. इसलिए किसी भी बात के लिए कभी झूठ का सहारा न लें.
7. जहां लक्ष्मी का निवास होता है, वहां सहज ही सुख-सम्पदा आ जाती है.
8. शासक को स्वयं योग्य बनकर योग्य प्रशासकों की सहायता से शासन करना चाहिए. मुसीबत के समय योग्य सहायकों के बिना निर्णय करना बड़ा कठिन होता है.
9. सिंह और बड़े नाखून वाले पशुओं पर भरोसा न करें. वे कभी भी हमलावर हो सकते हैं.
10. किसी भी काम को पूरे मन से करें यानी काम को करते समय हर प्रकार से सोचें, समझें और निष्कर्ष तक पहुंचें. इस तरह अपनी बुद्धि का सही प्रयोग करके कोई फैसला लें.

