मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ली 28 कलेक्टरों की क्लास- बड़ी वारदातों और लॉ एंड ऑर्डर की अनदेखी के मामलों को लेकर दिखाए कड़े तेवर
रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में गुरुवार को रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में कलेक्टर्स कॉंफ्रेंस आयोजित की गई. यहां सीएम भूपेश ने सभी 28 जिलों के कलेक्टर्स की क्लास ली. प्रदेश में पिछले कुछ दिनों में ही बड़ी वारदातों और लॉ एंड ऑर्डर की अनदेखी के मामलों को लेकर सीएम ने कड़े तेवर दिखाए.


सीएम बघेल ने कहा कि- कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी जिला दंडाधिकारी की है. जिला दंडाधिकारी को टीम लीडर के रूप में कार्य करना है. कानून व्यवस्था की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करते हुए सोशल मीडिया के माध्यम से फैल रहे अफवाह और दुष्प्रचार का कठोरता से खंडन जरूरी है. ये भी सुनिश्चित करना है कि इन पर रोक कैसे लगे?
सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि जिला दंडाधिकारी साप्ताहिक समीक्षा बैठक के पूर्व पुलिस अधीक्षक, कार्यपालिक दंडाधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था की समीक्षा करें. इस बैठक में पिछले सप्ताह की स्थिति की समीक्षा की जाए और आने वाले सप्ताह में कानून-व्यवस्था की स्थितियों का पूर्वानुमान लगाएं और रणनीतिक योजनायें बनायें. शासन प्रशासन की पैठ स्थापित होनी चाहिए.
किसानों और आम नागरिकों से जुड़े काम
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कलेक्टर्स कॉंफ्रेंस में कहा कि- राजस्व प्रशासन के कार्य सीधे तौर पर किसानों, आम नागरिकों से जुड़े हुए हैं. जिला प्रशासन इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दे. शासन और प्रशासन के मध्य परस्पसर संवाद आवश्यक है. इसीलिए आज हम सब यहां एक परिवार की भांति उपस्थित हैं. कोविड महामारी में प्रशासन ने बहुत बेहतर ढंग से कार्य किया है. आज छतीसगढ़ की अभिनव परियोजनाओं के कारण छत्तीसगढ़ मॉडल की चर्चा पूरे देश में हो रही है.
कवर्धा विवाद का जिक्र
सीएम बघेल ने कहा कि प्रशासन की सजगता से ही क़ानून व्यवस्था की स्थिति बेहतर हो सकती है. संचार क्रांति के दौर में एक स्थान की घटना का असर पूरे प्रदेश और देश में होता है, इसलिए जिम्मेदारी बहुत अधिक है. कवर्धा विवाद की ओर इशारा करते हुए सीएम ने कहा- छत्तीसगढ़ शांति का टापू है, क़ानून व्यवस्था को बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है. सोशल मीडिया पर उचित पर्यवेक्षण जरूरी है. सूचना ही शक्ति है, ज़िला प्रशासन का सूचना तंत्र सुदृढ़ किया जाना जरूरी है. गलत तथ्यों का खंडन करें, अफ़वाह न फैलने दें. विरोध प्रदर्शन से मुझे परहेज़ नहीं है, लेकिन योजनाबद्ध रूप से माहौल बिगाड़ने की साजिश को सफल नहीं होने दिया जाना है. जिले का सूचना तंत्र विकसित करें.

