मई महीने में कम हुई खुदरा महंगाई दर, ये है गिरावट की वजह
नई दिल्ली: मंहगाई को लेकर एक अच्छी खबर सामने आ गई। खुदरा महंगाई दर मई महीने में 7.04 फीसदी पर रही है, जबकि अप्रैल महीने में जो 7.79 फीसदी दर्ज की गई थी। इसके बीच एक बड़ी वजह केंद्र सरकार के एक फैसले को माना जा रहा है।


मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, खाद्य और ईंधन की कीमतों में सरकार की नरमी की वजह से खुदरा मुद्रास्फीति मई में 7.04 फीसदी तक की कमी आई है। क्योंकि सरकार के साथ-साथ आरबीआई ने शुल्क में कटौती और रेपो दर में वृद्धि के माध्यम से बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाया। हालांकि, मुद्रास्फीति प्रिंट लगातार पांचवें महीने रिजर्व बैंक के 6 फीसदी के ऊपरी सहिष्णुता स्तर से ऊपर रहा।
केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में कटौती की और साथ ही यूक्रेन युद्ध की वजह से आने वाले दिनों में सप्लाई चैन में रूकावट की वजह से महंगाई बढ़ सकती है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, मई महीने में ईंधन और हल्की महंगाई अप्रैल से 10.80 फीसदी से घटकर 9.54 फीसदी पर आ गई है।
हालांकि, उपभोक्ता सब्जियों की कीमत मुद्रास्फीति पिछले महीने के 15.41 फीसदी से बढ़कर 18.26 फीसदी हो गई है। इसके अलावा रिजर्व बैंक ने 2022 में कच्चे तेल की कीमत 105 डॉलर प्रति बैरल और सामान्य मानसून को देखते हुए यह फैसला लिया था। पहली तिमाही में महंगाई दर 7.5 फीसदी, दूसरी तिमाही में 7.4 फीसदी, 6.2 फीसदी रहने का अनुमान है। तीसरी तिमाही में 6.2 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 5.8 प्रतिशत रहने के संकेत मिले हैं।

