देशभर में अग्निपथ योजना के खिलाफ बवाल: पीएम मोदी आज करेंगे सेना के तीनों प्रमुखों से मुलाकात
नई दिल्ली: अग्निपथ योजना के घोषणा के बाद से देशभर में बवाल जारी है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज तीनों सेनाओं के प्रमुख से मुलाकात करेंगे। बताया गया है कि इस मुलाकात में अग्निपथ योजना पर चर्चा होगी। पीएम मोदी थल सेना अध्यक्ष, वायुसेना और नौसेना प्रमुख से मुलाकात कर इस पर चर्चा करेंगे।


अग्निपथ योजना को वापस ना लेने का एलान
अग्निपथ योजना को लेकर भारी विरोध के बीच रविवार को ही तीनों सेना प्रमुखों ने साफ कर दिया था कि ये योजना वापस नहीं होने वाली है। पहले सेना के अधिकारियों ने देश के युवाओं को इस योजना से जुडी जानकारियां दीं, फिर चेतावनी दी और उसके बाद इस योजना को वापस ना लेने का एलान कर दिया।
PM मोदी तीनों सेना प्रमुख से करेंगे मुलाकात
अग्निपथ योजना से जुड़ी हर बारीकी की जानकारी देने के लिए आज तीनों सेनाओं के प्रमुख प्रधानमत्री से मुलाकात करेंगे। जानकारी के मुताबिक तीनों सेना प्रमुख पीएम मोदी से अलग-अलग मुलाकात करेंगे। वहीं पीएम मोदी ने भी इस मुद्दे पर कहा कि सुधार कुछ समय के लिए बुरे लग सकते हैं लेकिन इसी से नए लक्ष्य हासिल होंगे। उन्होंने कहा कि रिफॉर्म के जरिए ही हम नए लक्ष्य हासिल कर सकेंगे। हमने डिफेंस और स्पेस सेक्टर को युवाओं के लिए खोल दिया है।
थल सेना ने जारी की नोटिफिकेशन
इस बीच थल सेना ने भर्ती के लिए नोटिफिकेशन भी जारी कर दी है. सेना ने भर्ती की नई योजना अग्निपथ के लिए नोटिफिकेशन जारी करते हुए जानकारी दी कि 6 अलग-अलग कैटेगरी में भर्ती होंगी जिसमें जनरल ड्यूटी, टेक्निकल, टेक्निकल (एविएशन, एम्युनेशन-एग्जामनर), क्लर्क, ट्रेड्समैन टेक्निकल (10वीं पास), ट्रेड्समैन सामान्य (8वीं पास), साथ ही सेना ने साफ किया है कि अग्निवीर किसी तरह की पेंशन, ग्रेच्युटी या किसी अन्य तरह की सुविधा के हकदार नहीं होंगे। बहरहाल अग्निपथ को लेकर विवाद थामने की सरकार पूरी कोशिश कर रही है।
अग्निपथ योजना क्या है?
‘अग्निपथ भर्ती योजना’ के तहत युवाओं को चार साल की अवधि के लिए सेना में शामिल होने का मौका मिलेगा। साढ़े 17 साल से 21 साल के युवा लड़के और लड़कियां इसके लिए पात्र होंगे। इसके लिए 10वीं से लेकर 12वीं तक के छात्र आवेदन कर सकेंगे। इसकी शुरुआत 90 दिन के भीतर हो जाएगी। इस साल 46 हजार अग्निवीरों की भर्ती की जाएगी। पहली भर्ती प्रक्रिया में युवाओं को छह महीने की ट्रेनिंग दी जाएगी। ट्रेनिंग का समय भी चार साल में शामिल होगा।
सेवानिधि पैकेज क्या है?
हर अग्निवीर को भर्ती के साल 30 हजार महीने तनख्वाह मिलेगी। इसमें से 70 फीसदी यानी 21 हजार रुपये उसे दिए जाएंगे। बाकी 30 फीसदी यानी नौ हजार रुपये अग्निवीर कॉर्प्स फंड में जमा होंगे। इस फंड में इतनी ही राशि सरकार भी डालेगी। दूसरे साल अग्निवीर की तनख्वाह बढ़कर 33 हजार, तीसरे साल 36.5 हजार तो चौथे साल 40 हजार रुपये हो जाएगी। चार साल में उसकी कुल बचत करीब 5.02 लाख रुपये होगी। वहीं सरकार की ओर से भी इतनी ही रकम जमा की जाएगी। नौकरी पूरी होने के बाद उसे ये रकम ब्याज सहित मिलेगी। जो करीब 11.71 लाख रुपये होगी। ये रकम टैक्स फ्री होगी।
चार साल की नौकरी के बाद युवाओं को दिया जाएगा निधि पैकेज
सेवा के दौरान शहीद होने या दिव्यांग होने पर आर्थिक मदद का प्रावधान भी है। अगर कोई अग्निवीर देश सेवा के दौरान शहीद हो जाता है तो उसे सेवा निधि समेत एक करोड़ से ज्यादा की राशि ब्याज समेत दी जाएगी। इसके अलावा बची हुई नौकरी का वेतन भी दिया जाएगा। अगर कोई जवान ड्यूटी के दौरान डिसेबिल यानी दिव्यांग हो जाता है तो उसे 44 लाख रुपये तक की राशि दी जाएगी और बची हुई नौकरी का भी वेतन दिया जाएगा। चार साल की नौकरी के बाद युवाओं को सेवा निधि पैकेज दिया जाएगा। जो 11.71 लाख रुपए होगा।
क्या इस योजना के बाद अभी होने वाली सेना भर्तियां बंद हो जाएंगी?
नई योजना मौजूदा खुली भर्ती की जगह ही लाई गई है। अभी जनरल ड्यूटी के अलावा, क्लर्क, स्टोर कीपर, ट्रेडमैन, नर्सिंग असिस्टेंट जैसे पदों के लिए खुली भर्ती होती है। इसमें चयनित होने वाले युवा करीब साढ़े 17 साल सेना में सेवाएं देते हैं। सेवा समाप्त होने के बाद इन्हें पेंशन भी मिलती है। अब इन पदों पर केवल चार साल के लिए भर्ती होगी। इन अग्निवीरों को कोई पेंशन नहीं मिलेगी। सेवाकाल समाप्त होने के बाद उन्हें एकमुश्त राशि ही मिलेगी।
चार साल की सेवा के बाद अग्निवीर का क्या होगा?
चार साल के सेवाकाल के बाद 75 फीसदी जवानों की सेवाएं समाप्त हो जाएंगी। अधिकतम 25 फीसदी को रेगुलर काडर में जगह मिलेगी। इसके लिए सेवाकाल पूरा होने के बाद ऐच्छिक आधार पर रेगुलर काडर के लिए आवेदन करना होगा।
चार साल के बाद जिन जवानों को सेवा मुक्त किया जाएगा उनका क्या होगा?
जिन जवानों को सेवा से मुक्त किया जाएगा, उन्हें सशस्त्र बल व अन्य सरकारी नौकरियों में वरीयता मिलेगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रक्षा मंत्री ने कहा कि चार साल के सेवाएं देने वाले अग्निवीर को कई राज्यों और केंद्रीय मंत्रालयों में आने वाली नौकरियों में प्राथमिकता दी जाएगी। रक्षा मंत्री के एलान के बाद राज्यों के ओर से इस तरह की घोषणाएं भी होने लगी हैं। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्य प्रदेश पुलिस में अग्निवीर जवानों को भर्ती में प्राथमिकता दी जाएगी।
नई योजना के बाद सेना में भर्ती होने वाले सैनिक के लिए क्या-क्या बदलेगा?
नई योजना में भर्ती की प्रक्रिया पहले की ही तरह रहेगी। चयनित होने के बाद छह महीने के कठिन ट्रेनिंग होगी। इसके बाद तैनाती होगी। नई योजना से सेना में युवाओं को ज्यादा मौके मिलेंगे। अभी सेना की औसत आयु 32 साल है। योजना लागू होने के बाद अगले छह से सात साल में ये घटकर 24 से 26 साल हो जाएगी।
क्या है प्रदर्शनकारियों की मांग
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भर्ती पहले की तरह की जाए, टूर ऑफ ड्यूटी (टीओडी) को वापस लिया जाए और परीक्षा पहले की तरह आयोजित की जाए। कोई भी सेना में सिर्फ 4 साल के लिए नहीं जाएगा। वहीं जहानाबाद में प्रदर्शन कर रहे एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा कि केवल 4 साल काम करने के बाद हम कहां जाएंगे? 4 साल की सेवा के बाद हम बेघर हो जाएंगे। इसलिए हमने सड़कों को जाम कर दिया है, देश के नेताओं को अब पता चल जाएगा कि लोग जागरूक हैं। वहीं एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा कि हम सशस्त्र बलों में शामिल होने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। महीनों के प्रशिक्षण और छुट्टी के साथ 4 साल की सेवा कैसी होगी? सिर्फ 3 साल के प्रशिक्षण के बाद हम देश की रक्षा कैसे करेंगे? सरकार को वापस लेनी होगी यह योजना।

