रोज उपयोग में आने वाली चीजें मिलेंगी महंगी: आज से वसूला जाएगा 5 फीसदी GST, जानिए क्या महंगा हुआ-क्या सस्ता?
नई दिल्ली: आम जनता के घरों का बजट आज से बिगड़ेगा। रोज उपयोग में आने वाली चीजें महंगी मिलेंगी। सरकार ने कई वस्तुओं पर वस्तु एवं सेवा कर (GST) की दरों में बढ़ोतरी कर दी है। साथ ही अस्पतालों में इलाज के लिए भी अब लोगों को अधिक पैसे चुकाने पड़ेंगे।


पैकेज्ड फूड आइटम होंगे महंगे
प्री-पैक फूड आइटम जैसे दूध के पैक प्रोडक्ट- दही, लस्सी, पनीर और छाछ कीमतें बढ़ जाएंगी। मछली और मिंट के रेट में भी इजाफा होगा। सरकार इन प्रोडक्टस पर 5 फीसदी की दर से GST वसूलेगी। पहले ये वस्तुएं GST के दायरे से बाहर थीं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में इन प्रोडक्टस को पहली बार GST के दायरे में शामिल किया गया। GST काउंसिल ने टेट्रा पैक वाले दही, लस्सी और बटर मिल्क पर 5 फीसदी GST लगाने का फैसला किया था।
अस्पताल से लेकर होटल तक होंगे महंगे
अस्पतालों में इलाज के लिए अब लोगों को अधिक पैसे खर्च करने होंगे। आईसीयू के बाहर अस्पतालों के ऐसे कमरे, जिनका एक दिन का किराया मरीज के लिए 5000 रुपये से अधिक है, आज से सरकार यहां भी 5 फीसदी की दर से GST वसूलेगी। पहले अस्पतालों के ऐसे कमरों पर GST की दरें नहीं लागू थीं।
1000 रुपये किराया वाले होटल के कमरे पर भी आपको GST चुकाना पड़ेगा। अभी तक 1000 रुपये तक के कमरे GST के दायरे से बाहर थे. इन पर अब 12 फीसदी की दर से GST लगेगा। बैंकों में भी आपकी जेब का बोझ बढ़ेगा, क्योंकि चेक बुक जारी किए जाने पर बैंकों की तरफ से ली जाने वाली फीस पर अब 18 फीसदी GST वसूली जाएगी।
स्टेशनरी के सामान के भी बढ़ेंगे दाम
सोलर वॉटर हीटर- जिस हीटर पर पहले GST की दरें 5 फीसदी थीं, अब वो दरें बढ़कर 12 फीसदी हो गई हैं. इसके अलावा एलईडी लाइट्स और लैंप की कीमतें भी बढ़ सकती हैं, क्योंकि सरकार ने इसपर GST को 12 फीसदी से बढ़ाकर 18 फीसदी कर दिया है। स्टेशनरी के सामान को भी 18 फीसदी वाले टैक्स ब्रैकेट में रखा गया है। ब्लेड, पेपर कैंची, पेंसिल शार्पनर, चम्मच, कांटे वाले चम्मच, स्किमर्स और केक-सर्वर्स आदि पर सरकार ने GST को बढ़ा दिया है। पहले इनपर 12 फीसदी GST लगता था।
इन वस्तुओं पर कम हुईं जीएसटी दरें
GST काउंसिल ने रोपवे के जरिए यात्रियों और सामानों को लेकर आने-जाने पर GST दर 18 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया है। इसके अलावा स्प्लिंट्स और अन्य फ्रैक्चर उपकरण, शरीर के कृत्रिम अंग, बॉडी इंप्लाट्स, इंट्रा ओक्यूलर लेंस आदि पर भी GST की दरें कम हुई हैं। 18 जुलाई से इनपर 5 फीसदी GST लगेगा। पहले ये वस्तुएं 12 फीसदी वाले स्लैब में शामिल थीं।
डिफेंस फोर्सेज के लिए इंपोर्ट की जाने वाली कुछ खास वस्तुओं पर GST 18 जुलाई से नहीं लगेगा। सरकार ने उन ऑपरेटर्स के लिए माल ढुलाई के किराए पर लगने वाले GST को 18 फीसदी से घटाकर 12 फीसदी कर दिया है, जहां फ्यूल की लागत को जोड़ा जाता है।
लोगों की जब पर बढ़ेगा बोझ
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में जून के आखिर में जीएसटी काउंसिल की 47वीं बैठक हुई थी। बैठक में GST काउंसिल ने कुछ ऐसे खाद्य पदार्थों पर GST लगाने का फैसला किया, जिन्हें इस टैक्स स्लैब से बाहर रखा गया था। सरकार के इस फैसले के बाद राजधानी दिल्ली समेत पूरे देश में जरूरत की तमाम वस्तुओं की कीमतों में इजाफा हो जाएगा। इससे आम लोगों की जेब पर बोझ बढ़ेगा।

