6 माह के लिए पुरानी व्यवस्था में लौटेगी आबकारी नीति
नई दिल्ली: नई आबकारी नीति के कार्यान्वयन की सीबीआई जांच की सिफारिश के बाद राष्ट्रीय राजधानी में खुदरा शराब बिक्री की पुरानी व्यवस्था को वापस करने का फैसला किया गया है। दिल्ली सरकार ने नई आबकारी नीति आने तक छह महीने के लिए उत्पाद नीति की पुरानी व्यवस्था को फिर से शुरू करने की अधिसूचना जारी कर दी है।


दिल्ली सरकार की नई आबकारी नीति में शराब की होम डिलीवरी की व्यवस्था है। दिल्ली कैबिनेट ने संशोधित उत्पाद नीति 2022-23 और विभाग और मंत्रियों के समूह द्वारा 5 मई को नए प्रस्तावों को मंजूरी दी। लेकिन जमीन पर संशोधन और कार्यान्वयन के लिए अंतिम अनुमोदन उपराज्यपाल द्वारा किया जाना है।
केजरीवाल सरकार के बैकफुट पर आने पर भाजपा ने आम आदमी पार्टी को घेरना शुरू कर दिया है। भाजपा नेता मंजिंदर सिंह सिरसा ने इसे जनता की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि “केजरीवाल ने पूंजीपतियों को दिल्ली के शराब के ठेकों का काम दिया था, जिसमें करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ। सीबीआई की जांच शुरू होने से सभी डरकर पीछे हटे और सरकार मजबूर हुई पुरानी नीति अपनाने को।” भाजपा का कहना है कि सीबीआई जांच के आदेश आते ही केजरीवाल सरकार ने नई आबकारी नीति वापस ली है। इसका मतलब है कि आप की नीति और नीयत दोनों खराब है।
बता दें कि केजरीवाल सरकार ने पिछले साल अपनी नई आबकारी नीति लागू की थी, जिसके तहत निजी संचालकों को ओपन टेंडर से खुदरा शराब बिक्री के लाइसेंस जारी किए गए थे। अब तक, नई पॉलिसी लागू होने के बाद दिल्ली के 32 जोन में कुल 850 में से 650 दुकानें खुल चुकी हैं। उधर, एलजी वीके सक्सेना ने मुख्य सचिव की रिपोर्ट के बाद सीबीआई जांच की सिफारिश की है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि नई एक्साइज पॉलिसी में नियमों की अनदेखी कर टेंडर दिए

