नवरात्रि से खुलेंगे इन 5 राशियों के भाग्य: नौकरी और व्यापार में मिलेगा विशेष लाभ
26 सितंबर से देशभर में नवरात्रि की धूम मचने वाली है। नवरात्रि में नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ रूपों की बड़े विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की जाती है। नवरात्रि के पहले दिन कलश की स्थापना की जाती है। नवरात्रि शुरू होते ही 5 राशियों का भाग्य खुल जाएगा। इन राशियों पर मां लक्ष्मी की विशेष कृपा रहने वाली है। माता रानी के आशीर्वाद से इन राशियों को खूब लाभ मिलने वाला है। नवरात्रि से इन राशियों का सौभाग्यशाली समय शुरू हो जाएगा, इन जातकों को हर क्षेत्र में सफलता मिलेगी। आइए जानते हैं इन भाग्यशाली राशियों के बारे में।


मेष राशि
माता रानी की कृपा से मेष राशि के जातकों को नौकरी और व्यापार में विशेष लाभ मिलने वाला है, इस राशि के लोग वैवाहिक जीवन में सुख का अनुभव करेंगे, इन जातकों को आकस्मिक धन लाभ होगा। कार्यक्षेत्र में भी आपके कार्यों की सराहना की जाएगी। माता रानी की कृपा से आध्यात्मिक कार्यों के प्रति आपका झुकाव बढ़ेगा।
मिथुन राशि
नवरात्रि के मौके पर मिथुन राशि के जातकों को तरक्की के कई अवसर मिलेंगे। आप नया वाहन या मकान खरीद सकते हैं। आप जो भी कार्य करेंगे उसमें सफलता जरूर मिलेगी। इन राशि के जातकों पर मां दुर्गा की असीम कृपा रहने वाली है। आप धार्मिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। अपनी मेहनत से आप अपनी सारी इच्छाओं की पूर्ति करेंगे।
कन्या राशि
कन्या राशि वालों पर मां दुर्गा की विशेष कृपा रहेगी। आप परिवार वालों के साथ अच्छा समय व्यतीत करेंगे। आपको परिवार का पूरा सहयोग भी मिलेगा। व्यक्तिगत और व्यावसायिक दोनों स्तरों पर आपका सकारात्मक दृष्टिकोण काम आएगा। इसकी वजह से आपको अपने कार्यों में सफलता मिलेगी। नवरात्रि के शुभ दिनों में अविवाहित जातकों का विवाह तय हो सकता है।
वृश्चिक राशि
मां दुर्गा के आशीर्वाद से वृश्चिक राशि वालों के घर में किसी मांगलिक कार्यक्रम का आयोजन हो सकता है। आपको पुराने किसी निवेशों से लाभ मिल सकता है। कार्यक्षेत्र में आपको अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है। आपको संपत्ति लाभ मिलने के भी योग बन रहे हैं. आय में भी वृद्धि होने की संभावना है। मां की कृपा से परिजनों के साथ आपके संबंधों में मजबूती आएगी।
मीन राशि
नवरात्रि में माता रानी की कृपा से मीन राशियों को भाग्य का भरपूर साथ मिलने वाला है। आपका आथिक पक्ष मजबूत होगा। आपको मान-सम्मान का लाभ मिलेगा। माता रानी की कृपा से आप कार्य में सक्रिय रहेंगे और कार्यक्षेत्र में आपको लाभी की प्राप्ति होगी। घर में चल रही पूजा-पाठ से सकारात्मक ऊर्जा महसूस करेंगे। किसी नए कार्य की शुरूआत कर सकते हैं।
26 सितंबर को कलश स्थापना
सोमवार 26 सितंबर को कलश स्थापना की जाएगी। शुक्ल प्रतिपदा तिथि 26 सितंबर को तड़के 3:23 बजे शुरू होगी और 27 सितंबर के तड़के 3:08 बजे तक रहेगी। नवरात्र का आरंभ और कलश स्थापना 26 सितंबर को ही होगा। कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 11 मिनट से 7 बजकर 51 मिनट तक है। वहीं सुबह 6 बजकर 11 मिनट से 7 बजकर 42 मिनट तक चौघड़िया को अमृत सर्वोत्तम मुहूर्त है। इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त में भी कलश स्थापना की जा सकती है। यह सुबह 11 बजकर 48 मिनट से 12 बजकर 36 मिनट तक रहेगा।

