April 29, 2026

छात्रों के लिए एक बड़ी सौगात: सरकार ने किया फ्री में बाइक और स्कूटी देने का ऐलान, बस करना होगा ये काम

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नई दिल्ली: इस साल मेधावी छात्रों को सरकार एक बड़ी सौगात देने जा रही है. सरकार ने हायर सेकेंडरी परीक्षा में एक निर्धारित कट-ऑफ अंक हासिल करने वाले छात्रों को दोपहिया वाहन यानी बाइक देने का फैसला किया है.


इस राज्य सरकार का फैसला
असम सरकार ने बुधवार को कैबिनेट की बैठक के दौरान इस साल हुई हायर सेकेंडरी परीक्षा में विशिष्ट कट-ऑफ अंक हासिल करने वाले छात्रों को दोपहिया वाहन देने का फैसला किया है. राज्य सरकार ने एक बयान में इन छात्रों को मेधावी करार दिया है जो उस ‘विशेष श्रेणी’ में आते हैं. राज्य सरकार ने दोपहिया वाहन प्राप्त करने के लिए पात्र बनने के लिए लड़के और लड़कियों के लिए अलग-अलग कट-ऑफ अंक निर्धारित किए हैं.

इतने फीसदी अंक पाने पर मिलेगी स्कूटी और बाइक
परीक्षा में 60 प्रतिशत या इससे अधिक अंक प्राप्त करने वाली छात्राओं को स्कूटर दिया जाएगा. हालांकि, लड़कों के लिए, हायर सेकेंडरी परीक्षा में कट-ऑफ अंक 75 प्रतिशत है. असम के शिक्षा मंत्री रनोज पेगू ने कहा कि लड़के और लड़कियों के बीच कुल 35,800 दोपहिया वाहन वितरित किए जाएंगे. इनमें 29,748 छात्राएं हैं जबकि 6,052 लड़के हैं.

इस पर राज्य सरकार 258.9 करोड़ रुपये खर्च करेगी. पेगू ने कहा कि दोपहिया वाहनों का वितरण चरणबद्ध तरीके से 30 नवंबर से शुरू होगा. पहले चरण में कामरूप (मेट्रो) और अन्य तीन-चार जिलों को कवर किया जाएगा. बाकी जिलों में छात्रों को दोपहिया वाहनों का वितरण बाद के चरण में होगा.

साल 2020 में सरकार ने छात्राओं को दी थी स्कूटी
बता दें कि इससे पहले सरकारल ने साल 2020 में भी दो पहिया वाहनों को वितरित किया था. साल 2020 में, असम सरकार ने केवल उन छात्राओं को दोपहिया वाहन दिए थे, जिन्होंने हायर सेकेंडरी परीक्षा प्रथम श्रेणी में स्थान प्राप्त किया था. लड़कों ने तब सरकार से बाइक देने की मांग की थी. जिसके बाद अब इस साल असम सरकार राज्य के छात्रों और छात्राओं दोनों को ही स्कूटी और बाइक दे रही है.

बढ़ाई गई सैलरी
इस बीच, एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में, असम सरकार ने राज्य भर में काम करने वाले 24,000 होमगाडरें के दैनिक वेतन को दोगुना से अधिक बढ़ा दिया है. पहले जिन होमगाडरें को बेसिक ट्रेनिंग दी जाती थी, उन्हें प्रतिदिन 300 रुपये और उन्नत प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों को 315 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान किया जाता था. अब से वह प्रतिदिन 767 रुपये पाने के हकदार हैं.

होमगार्ड लंबे समय से दैनिक वेतन दर में बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं. बढ़ी हुई शुल्क भत्ते की दर बुधवार से लागू होगी. असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि मासिक कर्तव्य भत्तों में वृद्धि जवानों को अधिक समर्पण और प्रेरणा के साथ काम करने के लिए प्रेरणा के रूप में काम करेगी. जवानों का मासिक पारिश्रमिक अब लगभग 23,010 रुपये प्रति माह होगा.


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