April 29, 2026

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दिए नशामुक्ति अभियान शुरू करने के निर्देश: CM बोले- प्रदेश में शराब से ज्यादा खतरनाक सूखा नशा…शराबबंदी भी हो सकती है

bhupeshh

रायपुर: छत्तीसगढ़ में शराबबंदी (Sharab Bandi) नहीं नशामुक्ति (Nasha Mukti) की ओर सरकार आगे कदम बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि शराब से ज्यादा खतरनाक सूखा नशा है।


उन्होंने आगे कहा कि शराब तो नशे का ही हिस्सा है। अगर सभी नशे के खिलाफ अभियान छेड़ें तो एक माहौल बनेगा। इससे शराबबंदी भी हो सकती है और नशामुक्ति भी। नशा मुक्ति में शराब, गांजा, सिगरेट, तम्बाकू और सभी आते हैं।

बता दें कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नशामुक्ति अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं। साल 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में शराबबंदी का वादा किया था। सीएम भूपेश बघेल ने मीडिया से कहा कि छत्तीसगढ़ की राजनीतिक में थर्ड फ्रंट का कोई असर नहीं होने वाला है।

छत्तीसगढ़ ही नहीं, मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड ऐसे राज्य हैं, जहां राष्ट्रीय दलों की सीधी टक्कर होती है। बहुत लोगों ने कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली। पिछले चुनाव में भी बीजेपी ने जोगी कांग्रेस की पूरी मदद की, जिसमें जोगी कांग्रेस और बसपा, सब मिलकर 5 सीट ही ला पाए। उपचुनाव में उनकी ताकत और कम हो गई।

भाजपा ने किया कटाक्ष
भाजपा की सांसद डॉ. सरोज पांडेय ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नशाबंदी को लेकर दिए गए बयान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आबकारी गड़बड़ी करनेवाले अब नशाबंदी की बातें कर रहे हैं। इस झूठी सरकार की किसी भी बात पर प्रदेश अब कोई भरोसा नहीं करेगा। नकली, जहरीली और ओवररेट शराब बिक्री के गोरखधंधे के जरिए आबकारी गड़बड़ी की गई है।


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