सावन का छठा सोमवार आज: सिद्धि योग, स्वार्थ सिद्धि योग का बना संयोग, विधि विधान से पूजा करने पर मनोकामना होगी पूरी
14 अगस्त यानी आज सावन के छठवें सोमवार का व्रत है। शास्त्रों में सावन के दौरान पड़ने वाले सोमवार का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन भगवान भोलेनाथ कि विधिवत पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।


धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, जो भी कुंवारी कन्याएं सोमवार का व्रत और शिवजी की पूजा करती हैं उसे सुयोग्य वर की प्राप्ति होती है। वहीं विवाहित महिलाओं को खुशहाल दांपत्य जीवन का आशीर्वाद मिलता है।
आपको बता दें कि 14 अगस्त को सावन सोमवार के अलावा मासिक शिवरात्रि का भी उपवास है। ऐसे में भगवान शिव की उपासना करने से मनचाहा वरदान मिलेगा। सावन के छठे सोमवार को सिद्धि योग, स्वार्थ सिद्धि योग, पुनर्वसु और पुष्प नक्षत्र का संयोग बन रहा है.
छठा सावन सोमवार शुभ मुहूर्त:
ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 4 बजकर 50 मिनट से सुबह 5 बजकर 34 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त – शाम 7 बजकर 7 मिनट से शाम 7 बजकर 29 तक
अमृत काल – सुबह 8 बजकर 27 मिनट से सुबह 10 बजकर14 तक
सावन सोमवार पूजा विधि:
सावन सोमवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद साफ वस्त्र धारण करें।
सोमवार के दिन काले रंग का कपड़े बिल्कुल न पहनें। सफेद, हरा, केसरिया या लाल-पीला रंग शुभ माना जाता है।
शिवलिंग पर जल या गंगाजल और कच्चा दूध चढ़ाएं।
शिवलिंग पर चीनी, मिश्री, शहद, पंचामृत, सुपारी बेलपत्र, भांग, धतूरा, शमी के पत्ते, फल, फूल, सफेद या पीली चंदन और अन्य पूजा सामग्री अर्पित करें।
शिव जी के सामने घी या तेल का दीपक जलाएं।
शिव चालीसा का पाठ करें।
अब शिवजी की आरती करें।
भगवान शिव का मंत्र जाप करें।

