कुदरत का करिश्मा: दुर्लभ विकृत शिशु का जन्म, जलपरी के तरह जुड़े थे दोनों पैर, देखें Video
बैतूल: मध्यप्रदेश के बैतूल के भैंसदेही विकासखंड के खानपुर गांव निवासी शीतल की भैंसदेही के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुबह में डिलीवरी हुई, जिसमें नॉर्मल प्रक्रिया के तहत एक शिशु का जन्म हुआ।
हालांकि, जन्म के समय से ही शिशु की हालत बेहद गंभीर थी। नर्सिंग ऑफिसर संगीता खातरकर के अनुसार, शिशु को सांस लेने में कठिनाई हो रही थी और उसकी हृदय गति भी सामान्य से कम थी।


शिशु में कई जन्मजात विकृतियां पाई गईं, जो दुर्लभ और असामान्य थीं। सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि शिशु के दोनों पैर आपस में जुड़े हुए थे और वे मछली की पूंछ जैसे दिखते थे। इसके अलावा, शिशु के जननांग भी विकसित नहीं थे।
यह जन्मजात स्थिति मरमेड सिंड्रोम (साइरेनोमेलिया) की ओर इशारा करती है, जो एक दुर्लभ और गंभीर विकृति है। इसे पहली बार जिला अस्पताल में देखा गया। शिशु को तुरंत इलाज के लिए भर्ती किया गया, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हो सका। शनिवार दोपहर 2 बजे के करीब शिशु ने दम तोड़ दिया।
डॉक्टरों और अस्पताल कर्मियों के अनुसार, ऐसे विकृत बच्चों का जीवित रहना बेहद मुश्किल होता है। नर्सिंग ऑफिसर ने बताया कि उन्होंने ऐसा मामला पहली बार देखा है, जो चिकित्सा क्षेत्र में भी दुर्लभ माना जाता है।
इस घटना ने स्थानीय लोगों को चौंका दिया है और यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी स्थितियां अक्सर गर्भावस्था के दौरान पोषण की कमी, पर्यावरणीय कारणों, या आनुवंशिक विकारों के चलते हो सकती हैं। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ जगदीश धोरे का कहना की इस तरह एक लाख में एक बच्चे में होती है।

