June 3, 2026

क्या आपको भी ऑफिस में अक्सर आती है नींद: इसके पीछे हो सकते हैं ये 10 कारण, जानें कारण और बचाव के तरीके

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अगर आपको दिन में अक्सर नींद सताती है, सोने को जी चाहता है तो ये डिमेंशिया का शुरुआती इशारा हो सकता है। विश्व प्रसिद्ध जर्नल न्यूरोलॉजी में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, जिन लोगों को दिन में नींद आती है। उन्हें डिमेंशिया का जोखिम हो सकता है।

इसमें पता चला है जिन लोगों को दिन में नींद बहुत अधिक सताती है, उनमें से लगभग 33.5% लोगों को मोटरिक कॉग्निटिव रिस्क सिंड्रोम हो सकता है। यह डिमेंशिया की शुरुआती स्टेज होती है।


यह तो सिर्फ एक स्टडी का परिणाम है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ फैमिली फिजिशियन्स (AAFP) के मुताबिक, दिन में नींद आने के कई कारण हो सकते हैं। इसके पीछे मौसम में बदलाव जैसी बहुत सामान्य वजह हो सकती है। हालांकि, कुछ मामलों में किसी स्लीप डिसऑर्डर, डिप्रेशन जैसे गंभीर कारण भी हो सकते हैं।

इसलिए ‘सेहतनामा’ में हम आज जानेंगे कि दिन में नींद किस बात का इशारा हो सकता है। साथ ही जानेंगे कि हमें नींद क्यों आती है और किन बीमारियों में दिन में नींद आने लगती है?

स्लीप एप्नी

स्लीप एप्नी गंभीर मेडिकल कंडीशन है, जिसमें व्यक्ति रात में बार-बार सांस रुकने के कारण अच्छे से सो नहीं पाता है। इसके कारण दिन में नींद आ सकती है। अगर दिन में नींद में अक्सर नींद आने के अलावा ये लक्षण भी दिख रहे हैं तो डॉक्टर कंसल्ट करें:

सोते समय जोर-जोर से खर्राटे लेना
रात में सांस लेने के लिए फड़फड़ाना
सुबह उठने पर गले में खराश और सिरदर्द
अटेंशन और कॉनसन्ट्रेशन में मुश्किल
चिड़चिड़ापन

नार्कोलेप्सी यह एक न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है। इस कंडीशन में हमारा ब्रेन सोने-जागने के साइकल को ठीक से कंट्रोल नहीं कर पाता है। इसके कारण कई बार दिन में नींद आ सकती है। अगर दिन में नींद के साथ ये लक्षण भी दिख रहे हैं तो डॉक्टर से संपर्क करें:

रात में अचानक कई बार नींद खुल जाती है।
दिन में अचानाक कभी भी नींद आ जाती है।
खाते समय या बातचीत करते समय नींद आ जाती है।

डिप्रेशन अगर नींद के पैटर्न में बदलाव आ रहा है तो यह डिप्रेशन का बड़ा इशारा हो सकता है। रात में कम नींद आना और इसके कारण दिन में नींद आना, ये डिप्रेशन का लक्षण है। अगर दिन में नींद के साथ ये लक्षण भी दिख रहे हैं तो डॉक्टर से कंसल्ट करें:

लो मोटिवेशन
चिड़चिड़ापन
भूख में बदलाव
बहुत निराश महसूस करना
फेवरेट चीजों और कामों से दूरी

दवाओं के साइड इफेक्ट कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट के कारण भी दिन उनींदापन और ज्यादा नींद का एहसास हो सकता है। यह आमतौर पर इन कंडीशंस पर दी जाने वाली दवाओं के कारण होता है:

हाइ ब्लड प्रेशर की दवा
डिप्रेशन की दवा
एंटीहिस्टामाइन( इसमें नाक बंद हो जाती है)
मतली और उल्टी की दवा
मनोविकृति की दवा
मिर्गी की दवा
एंग्जायटी की दवा
दिन में नींद से जुड़े कुछ कॉमन सवाल और जवाब

सवाल: क्या दिन में सोना नुकसानदायक है? जवाब: हां, दिन में सोने के कई नुकसान हो सकते हैं। जबकि, सही तरीके से ली गई नैप के कई फायदे हो सकते हैं। कुछ मिनटों की नैप हमारे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बूस्ट कर सकती है। नेशनल स्लीप फाउंडेशन के मुताबिक, एक अच्छी नैप कॉफी पीने से ज्यादा फायदेमंद होती है।

अगर दिन में बहुत नींद आ रही है तो एक छोटी नैप ले सकते हैं। यह नैप 5-10 मिनट से लेकर 20-30 मिनट की हो सकती है। इससे लंबी नैप दिन में आलस का कारण बन सकती है और रात की नींद खराब कर सकती है।

शाम को 3 बजे के बाद नैप लेने से स्लीप साइकल बिगड़ सकता है। इसके कारण हो सकता है कि आपको देर रात तक नींद ही न आए। इसलिए दिन में 3 बजे के बाद नैप अवॉइड करनी चाहिए।

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, जो लोग प्रतिदिन 20 से 30 मिनट की नैप लेते हैं, उन्हें मानसिक तनाव होने की आशंका कम होती है। इन लोगों का ब्लड प्रेशर भी दूसरों की अपेक्षा कंट्रोल में रहता है।

सोर्स :  दैनिक भास्कर


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