73 Lakh Salary Job: 73 लाख सालाना सैलरी की नौकरी: फिर भी नहीं मिल रहा कोई उम्मीदवार, जानिए आखिर क्या है काम?
High Salary Job: सिडनी: सोचिए, एक नौकरी का सालाना पैकेज 73 लाख (73 Lakh Salary) हो, महीने में 60 हजार सिर्फ विज्ञापन पर खर्च किया जा रहा हो, और फिर भी उस पद के लिए कोई उपयुक्त उम्मीदवार न मिले! यह कोई फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में मीट बिज़नेस चलाने वाले क्लेटन राइट (Clayton Wright) की हकीकत है।


मज़बूत और अनुभवी हाथों की कमी
क्लेटन “Clover Valley Meats” और “Wright’s the Butchers” नाम की दो प्रतिष्ठित कसाई दुकानें चलाते हैं। उनके पास ऑर्डर की कोई कमी नहीं है, ग्राहकों की लंबी कतार है, लेकिन एक बड़ी समस्या है — मज़बूत और अनुभवी हाथों की कमी। क्लेटन को एक कुशल कसाई (Kasai Ki Naukri) की तलाश है, जिसके लिए वे सालाना 1.3 लाख ऑस्ट्रेलियन डॉलर लगभग 73 लाख तक का पैकेज (73 Lakh Salary) देने को तैयार हैं।
कोई ऑस्ट्रेलियाई नहीं तैयार कसाई बनने को
क्लेटन की पोस्टिंग पर अब तक 140 से ज़्यादा आवेदन आ चुके हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि एक भी आवेदन ऑस्ट्रेलिया से नहीं आया। सभी कैंडिडेट भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान, नाइजीरिया और दक्षिण अमेरिका जैसे देशों से थे। क्लेटन का कहना है कि ज़्यादातर आवेदन करने वाले केवल ऑस्ट्रेलिया आने का रास्ता ढूंढ रहे हैं, न कि उन्हें काम की जानकारी या अनुभव है।
“कुछ को तो बुनियादी अंग्रेजी भी नहीं आती। कईयों के पास मीट प्रोसेसिंग का कोई अनुभव नहीं है,” क्लेटन बताते हैं। “सिर्फ गिनती के लोगों के पास हलाल मीट का अनुभव था।”
नई पीढ़ी को नहीं ट्रेड स्किल्स में रुचि
ऑस्ट्रेलिया में आज ट्रेड स्किल्स — जैसे कसाई, प्लंबर, मैकेनिक — में युवाओं की रुचि लगातार कम हो रही है। हर कोई सफेद कॉलर की नौकरी चाहता है, लेकिन ग्राउंड लेवल पर काम करने वालों की कमी के चलते बिज़नेस ठप पड़ने की कगार पर हैं।
Business NSW के CEO डैनियल हंटर कहते हैं, “राज्यभर में व्यापार मालिक एक ही पोस्ट के लिए कई बार विज्ञापन दे रहे हैं। लेकिन उन्हें उपयुक्त कर्मचारी नहीं मिल रहे। यह अब एक गंभीर समस्या बन चुकी है।”
सिर्फ क्लेटन की नहीं, पूरी इंडस्ट्री की समस्या
क्लेटन की ये कहानी केवल एक कारोबारी की नहीं, बल्कि एक देश की श्रम व्यवस्था की खामियों को उजागर करती है। जब देश की युवा पीढ़ी हाथ से काम करने वाले प्रोफेशन को अपनाने से हिचक रही है, तो बिज़नेस चलाना मुश्किल होता जा रहा है।
समाधान क्या है?
विशेषज्ञ मानते हैं कि इस संकट से निपटने के लिए ऑस्ट्रेलिया को अपनी इमिग्रेशन पॉलिसी पर दोबारा विचार करना होगा और स्थानीय स्तर पर स्किल ट्रेनिंग को बढ़ावा देना होगा। इसी के साथ, ट्रेड प्रोफेशंस को “कम दर्जे” का नहीं, बल्कि सम्मानजनक करियर विकल्प के रूप में पेश करना समय की मांग है।

