सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बाबू खेमानी निकला सट्टा का मास्टरमाइंड: दुबई से लेकर गोवा तक फैला था नेटवर्क, BMW और करोड़ों के ट्रांजैक्शन देख पुलिस भी दंग!
रायपुर 17 अप्रैल 2026, सोशल मीडिया पर हजारों फॉलोअर्स, लग्जरी लाइफस्टाइल और चमक-धमक वाली रील… लेकिन इस पर्दे के पीछे छिपा था करोड़ों के ऑनलाइन सट्टे का काला साम्राज्य। रायपुर पुलिस की ‘एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट’ ने एक ऐसे नेटवर्क को ध्वस्त किया है, जिसके तार दुबई से लेकर गोवा के समंदर तक फैले थे। इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बाबू खेमानी निकला, जिसे पुलिस ने फिल्मी अंदाज में मुंबई से दबोच लिया है।


कमिश्नरेट पुलिस की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’: 3 राज्यों में एक साथ दबिश
पुलिस उपायुक्त (क्राईम एवं साईबर) स्मृतिक राजनाला की सीधी मॉनिटरिंग में पुलिस ने एक साथ मुंबई और गोवा में धावा बोला। जब पुलिस मुंबई पहुंची, तो बाबू खेमानी अपने आलीशान ठिकाने पर था, उसे अंदाजा भी नहीं था कि उसकी ‘रील’ लाइफ अब ‘रियल’ सलाखों में बदलने वाली है। गोवा में चल रहे ‘लाइन पैनल’ को भी पुलिस ने पूरी तरह तबाह कर दिया है।

करोड़ों का ट्रांजैक्शन और ‘म्यूल’ खातों का मकड़जाल
इंटरनेशनल कनेक्शन: मास्टरमाइंड बाबू खेमानी पिछले कुछ सालों में कई बार दुबई और थाईलैंड की यात्रा कर चुका है। पुलिस अब उसके अंतरराष्ट्रीय सट्टा माफियाओं से संबंधों को खंगाल रही है।
किराए के बैंक खाते: आरोपी गरीब और मध्यम वर्गीय लोगों के बैंक खाते (म्यूल खाते) 20 से 30 हजार रुपये में किराए पर लेते थे ताकि करोड़ों का लेन-देन पुलिस की नजरों से बचा रहे।
बड़े ब्रांड्स का संचालन: बाबू और उसका भाई करण खेमानी मिलकर 3Stumps, रेड्डी ग्रुप, बजरंग ग्रुप, और डायमण्ड मास्टर जैसे बड़े ऑनलाइन पैनल चला रहे थे।
कैसे हुआ पूरे नेटवर्क का खुलासा ?
दरअसल, 13.04.2026 को एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट की टीम को सूचना प्राप्त हुई कि थाना गंज क्षेत्रांतर्गत रेलवे स्टेशन के पास चारपहिया वाहन में सवार एक व्यक्ति द्वारा आई.पी.एल. क्रिकेट मैच के दौरान मोबाईल फोन में ऑनलाईन सट्टा संचालित किया जा रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में सर्वप्रथम थाना गंज में एक आरोपी को ऑनलाईन सट्टा खेलाते पकड़ा, पूछताछ में व जानकारी प्राप्त कर उडीसा, महाराष्ट्र रेड कार्यवाही कर प्रकरण में अभी तक 20 आरोपियों को गिरफ्तार कर कब्जे से कुल 10 नग लैपटाप, 87 नग मोबाईल फोन, 03 नग एलईडी, नगदी रकम 1,95,000/- रूपये, विभिन्न बैंको के कुल 72 नग एटीएम कार्ड, 23 नग सिम कार्ड, 03 नग चेकबुक, 01 नग पासबुक, 01 नग कार, 03 नग वाईफाई राउटर तथा सट्टा का हिसाब-किताब 03 कापी कुल कीमत लगभग 60 लाख रूपये जप्त किया गया था।
मास्टर माईंड बाबू खेमानी ने क्या बताया ?
प्रकरण के मास्टर माईंड बाबू खेमानी ने बताया कि 2.5 वर्ष पूर्व अपने भाई करण खेमानी और अन्य रायपुर के सट्टा पैनल संचालित करने वालों के साथ मिलकर रायपुर में सट्टा संचालित करने की योजना बनायी। चूंकि सोशल मीडिया इन्फ्लूऐंजर था उसके बहुत फालोअर थे, उसका फायदा उठाकर हाई प्रोफाईल सट्टा खेलने वालों लोगों से संपर्क किया और शुरूवात में मेट्रो, कलर 777, क्लासिक एक्स 99 बैटिंग एप का संचालन किये।
कौन से पैनल से चल रहा था काम ?
दिनांक 16.10.2023 को थाना खम्हारडीह में इसका भाई करण खेमानी अन्य 03 आरोपियों के साथ पकड़ा गया, जिसमें थाना खम्हारडीह में अपराध क्रमांक 407/23 धारा 4क जुआ एक्ट, 5, 6, 7 छ.ग. जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 का अपराध पंजीबद्ध किया गया था। उसके बाद डर से इन तीनों एप का संचालन बंद कर दिया गया, उसके बाद पुनः 3Stumps, 55 एक्सचेंज नाम से आई डी बनायी और निश्चित योजना के तहत् बाबू एवं करण खेमानी ने पुराने ग्राहकों को 3Stumps, 55 एक्सचेंज पैनल में जोड़ा, जो लगातार सट्टा खेल रहे थे।
कैसे चलता था काम ?
चूंकि रायपुर पुलिस का बहुत दबाव रहता है इसलिये बाबू एवं करण खेमानी ने रायपुर के बाहर अन्य राज्य में पैनल संचालित करने की योजना बनायी। कमलेश देवांगन को कलेक्शन एजेंट का काम दिया। रोहित सिंह देशभर में पैनल या आई डी बांटने का काम करता था। विशाल कश्यप का काम लेन-देन के लिये खाता कलेक्शन का था। विशाल कश्यप द्वारा दिये गये बैंक खातों में रकम का लेन-देन होता था। देशभर से खाता देने वालों एजेंटो से 20-30 हजार रूपये में खाता लेते थे।
जब्ती की लिस्ट: BMW से लेकर सट्टे का बहीखाता
कुल जप्त मशरूका: लगभग 60,00,000/- रूपये
लग्जरी कार: 01 नग चमचमाती BMW कार
टेक गैजेट्स: 03 लैपटॉप, 18 मोबाइल फोन और 1 राउटर और 1 केलकुलेटर
कैश और कार्ड: भारी मात्रा में एटीएम कार्ड और सट्टे के हिसाब-किताब की डायरियां।
अब तक 27 गिरफ्तार, रडार पर कई और ‘सफेदपोश’
गंज थाना क्षेत्र में शुरू हुई इस जांच की आंच अब दूर तक पहुंच गई है। वर्ष 2026 में कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद से पुलिस अब तक 11 प्रकरणों में 64 आरोपियों को जेल भेज चुकी है और लगभग *2.96 करोड़ की संपत्ति कुर्क की गई है।
आरोपी सोशल मीडिया की आड़ में युवाओं को सट्टे के जाल में धकेल रहे थे। बैंक खातों की फाइनेंशियल जांच जारी है, जल्द ही खाता धारकों और इस सिंडिकेट के अन्य बड़े चेहरों की गिरफ्तारी होगी। कमिश्नरेट पुलिस, रायपुर
गिरफ्तार आरोपियों की कुंडली:
मुंबई से: 01. गुलशन उर्फ बाबू खेमानी पिता ब्रम्हानंद खेमानी उम्र 32 साल निवासी मकान नंबर 11 मारूति इन्क्लेवा एम्स अस्पताल के बाजू में थाना आमानाका रायपुर। (मास्टरमाइंड)
02.रोहित सिंह पिता चंद्रभान सिंह उम्र 26 साल निवासी ढ़ाचा भवन टाटीबंध थाना आमानाका रायपुर। (पैनल डिस्ट्रीब्यूटर)
03.विशाल कश्यप पिता स्व. विजय प्रताप कश्यप उम्र 27 साल निवासी सतनामी पारा टाटीबंध थाना आमानाका रायपुर। (खाता मैनेजर)
गोवा से: 1. लक्ष्मण ढ़ोबर पिता महादेव ढ़ोबरे उम्र 45 साल निवासी लालगंज मेहंदी बाग रोड नागपुर (महाराष्ट्र)।
2. आशीष जाधव पिता गजानंद जाधव उम्र 29 साल निवासी ग्राम मुनगा तह. आकोट जिला अकोला (महाराष्ट्र)।
3. रंजीत कुमार पासवान पिता लम्बू पासवान उम्र 28 साल निवासी ग्राम कोहरई थाना परशुरामपुर जिला बस्ती (उ.प्र.)।
4. वैभव खण्डेलवाल पिता ऋषि खण्डेलवाल उम्र 37 साल निवासी 303 भवानी काम्पलेक्स वथौरा चौक थाना वथौरा नागपुर (महाराष्ट्र)।
सावधान: आपकी एक क्लिक आपको अपराधी या कंगाल बना सकती है। ऑनलाइन सट्टा कानूनन अपराध है!

