May 4, 2026

छात्रों के लिए राहत भरी खबर : यहां के सभी कॉलेज Wi-Fi से जुड़ेंगे, चार लाख छात्रों को होगा फायदा

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Wi Fi in Uttarakhand Colleges: उत्तराखंड के कॉलेजों में फिलहाल ऑफलाइन पढ़ाई नहीं होगी, लेकिन छात्रों के लिए राहत भरी खबर यह है कि, अगस्त महीने में सभी कॉलेज वाई-फाई से जोड़ दिए जाएंगे. वहीं, कॉलेजों में ऑफलाइन पढ़ाई के लिए लिए यूजीसी की गाइडलाइन का इंतजार किया जा रहा है, जैसे ही यूजीसी कॉलेजों के लिए गाइडलाइंस जारी करता है, उसी के आधार पर ऑफलाइन पढ़ाई पर विचार किया जाएगा.


14 अगस्त तक कॉलेज वाई-फाई से जुड़ेंगे
उत्तराखंड के सभी कॉलेजों को वाई-फाई सेवा से जोड़ने के लिए प्रक्रिया अंतिम चरण में है,14 अगस्त को प्रदेश के सभी कॉलेज वाई-फाई सेवा से जुड़ जाएंगे. जिससे तकरीबन प्रदेश के 4 लाख छात्रों को वाई-फाई सेवा का लाभ मिलेगा. यह ऑनलाइन पढ़ाई की दिशा में उच्च शिक्षा विभाग का बड़ा कदम माना जा रहा है, हालांकि पर्वतीय क्षेत्रों में कनेक्टिविटी ना होने से दिक्कत भी आ सकती है.

चार लाख छात्रों को मिलेगी सुविधा
उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत का दावा है कि, प्रदेश के सभी कॉलेजों को 14 अगस्त से फ्री वाई-फाई मिलेगी, जिसकी शुरुआत सभी मंत्री और सांसद अपने-अपने क्षेत्रों में करेंगे, इससे ऑनलाइन पढ़ाई को और तेजी से आगे बढ़ाया जा सके. उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने बताया कि, उत्तराखंड देश का पहला राज्य बनने जा रहा है जो 4 लाख छात्रों को कॉलेजों में वाई फाई सुविधा उपलब्ध कराएगा. उन्होंने कहा कि, जिससे आपदा की परिस्थिति के दौरान ऑनलाइन प्रणाली को आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी.

कॉलेज खोलने का जल्द फैसला लिया जाएगा
वहीं, श्री देव सुमन विश्वविद्यालय के वीसी पीपी ध्यानी का कहना है कि, श्री देव सुमन के कॉलेजों में भी पढ़ाई ऑनलाइन चल रही है, लेकिन कॉलेज को खोलने पर सरकार जल्द ही फैसला लेगी. ध्यानी ने बताया कि, यूटीयू यूनिवर्सिटी में छात्रों के लिए एडमिशन प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है, सबसे पहले जेईई की एंट्रेंस प्रक्रिया होगी उसके बाद अन्य छात्रों को भी प्रवेश दिए जा सकेंगे.

कोरोना की वजह से उत्तराखंड के कॉलेजों में अभी फ़िलहाल ऑफ़लाइन पढ़ाई नहीं हो रही है, लेकिन ऑनलाइन पढ़ाई के नाम पर भी खानापूर्ति जरूर की जा रही है, और ना ही कॉलेजों में अभी एडमिशन प्रक्रिया शुरू हुई है. जबकि प्राइवेट कॉलेजों में ऑनलाइन के जरिए छात्रों को एडमिशन दिए जा रहे हैं. इससे साफ कहा जा सकता है कि आने वाले सत्र के दौरान सरकारी कॉलेजों में छात्रों की संख्या कम हो सकती है.


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