छत्तीसगढ़: अधिकारी-पत्रकार बनकर लोगों को लूटने वाले गिरोह का पर्दाफाश, खाकी वर्दी और वॉकी–टॉकी जब्त
दुर्गः पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो कभी पुलिस कभी अधिकारी-पत्रकार बनकर लोगों को लूटता था। गिरोह के सदस्य मौका देखकर पुलिस भी बन जाते थे और लोगों को जेल भेजने की धमकी देकर उनसे रुपए ऐंठते थे। सुपेला पुलिस ने एमपी से सेनेटाइजर सप्लाई करने आए दो लोगों की शिकायत पर गिरोह के चार लोगों को गिरफ्तार किया है। चारों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।


सुपेला टीआई सुरेश ध्रुव ने बताया कि इंदौर मध्य प्रदेश के खजराना शाहीबाग निवासी नदीम खान पिता रफीक खान (19 साल) ने रविवार शाम को लूट की शिकायत दर्ज कराई थी। नदीम ने बताया कि वह अपनी पिकअप एमपी 09 जीजी 2058 में चालक तबरेज खान के साथ 157 पेटी सेनेटाइजर की सप्लाई करने इंदौर से दुर्ग आया था। यहां मेडिकल की दुकानों में सप्लाई देने के बाद शाम 7.30 बजे के करीब जब वह नेहरू नगर में डिलीवरी करने पहुंचा तो वहां उसके पास एक फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को मेडिकल स्टोर संचालक बताया। उसने कहा कि तुम नेहरू चौक आ जाओ मैं वहीं पर कुछ पेटी माल लूंगा। जब नदीम गाड़ी लेकर नेहरू नगर चौक पहुंचा तो मोटरसाइकिल में चार आदमी आये और उसकी गाड़ी को रोक लिया।
बाइक से आए युवकों ने खुद को पत्रकार बताया। उन्होंने कहा कि तुम लोगो ने फर्जी माल रखा है। सामान का कागजात दिखाओ। जब नदीम ने उन्हें कागजात दिखाने से मना किया उन लोगों ने उसके ड्राइवर से धक्का मुक्की कर गाली गलौज शुरू कर दी। उन लोगों ने नदीम से पैसों की मांग की। इस पर नदीम ने उनका विरोध किया तो चारों युवकों ने गाड़ी की तलाशी ली और उसमें रखा सेनेटाइजर का बिल और वसूली के 48 हजार रुपए लूट लिए और लोग वहां से चले गए। सुपेला पुलिस ने 394 और 34 के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद पुलिस ने 24 घंटे के अंदर आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास लूटे गए रुपए व अन्य समान की जब्ती की।
सुपेला पुलिस ने लूट के मामले में योगेश्वर मानिकपुरी निवासी रामनगर आजाद चौक, टामेंद्र सिन्हा निवासी डिपरापारा पोटिया रोड दुर्ग, कृपाचंद सोनवानी निवासी भिलाई-3 और तामेश्वर तिवारी निवासी कातुलबोर्ड हरी नगर दुर्ग को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से लूट की रकम 48 हजार रुपए सिहत तीन मोटर साइकिल सहित गिरोह के मास्टर माइंड योगेश्वर मानिकपुरी के पास से दो कार्डलेस वाकी-टॉकी, अलग-अलग मीडिया संस्थानों के परिचय पत्र, माईक आईडी और खाकी वर्दी भी जब्त की।

