बाज के हमले से स्कूल टीचर और बच्चे हुए परेशान, खुद को बचाने कर रहे छतरी और हेलमेट का स्तेमाल
कोरबा: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के एक सरकारी स्कूल में टीचर और स्कूल के बच्चे बाज से भयभीत हैं। पिछले एक महीने से बाज स्कूली बच्चों और शिक्षकों पर हमला कर रहा है। स्कूल आने जाने के दौरान रास्ते में बाज चोंच से हमला कर रहा है। इसके चलते स्कूल के स्टाफ विभिन्न तरीकों से खुद की सुरक्षा कर रहे हैं।


ऐसे करते हैं खुद की सुरक्षा
दरअसल कोरबा नगर निगम के वार्ड क्रमांक 30 मानिकपुर का है। यहां भिलाईखुर्द में प्राथमिक और माध्यमिक शाला का संचालन किया जाता है। दिसंबर महीने से ही स्कूल के आस-पास के पेड़ में बाज ने घोंसला बनाया है और स्कूल आने जाने वालों पर बाज हमला कर देते हैं। स्कूल टीचर ने शांति एक्का ने बताया कि बाज 19 दिसंबर से चक्कर लगा रहा है। उसके बाद शीतकालीन अवकाश आ गया तो लगा कि तब तक शांत हो जाएगा, लेकिन अब तो बाज का हमला बढ़ गया है। बच्चों पर हमले कर रह है, इससे लोग बहुत डरे गए हैं। टीचर बहुत परेशान हैं बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। इस लिए स्कूल में घुसे रहते है। छाता लेकर बाथरूम जा रहे हैं। हेलमेट, चश्मा पहनकर ऑफिस आ रहे है।
बाज के हमले से कई बच्चे और टीचर जख्मी
बाज के हमले से अबतक 2-3 बच्चे और एक टीचर जख्मी हो चुके हैं। बाजों के हमले पर स्कूल के प्रधान पाठक ने वार्ड के पार्षद से शिकायत कर दी है। वहीं इस वार्ड के पार्षद ने वन विभाग को भी शिकायत कर दी है। कुछ दिन पहले वन विभाग के कर्मचारी निरीक्षण करने पहुंचे थे लेकिन बाज हमले का समाधान नहीं निकला है।
वार्ड के पार्षद ने बताया कि, स्कूल के पास एक पेड़ में 3-4 बाज है। जब बच्चे स्कूल चलकर आते जाते है बाज हमला करता है। अबतक 2-3 बच्चे जख्मी हो चुके हैं। स्कूल की एक टीचर पर भी बाज ने हमला किया है। उनके सिर में बाज ने चोंच मारा है। इसकी सूचना वन विभाग को दी गई। अब उनको हटाने की कोशिश की जाएगी।
फिलहाल कोरोना के चलते स्कूल बंद है। जब स्कूल खुलेगा तो बच्चों पर फिर से बाज हमले का खतरा बढ़ जाएगा। लेकिन स्कूल की छुट्टी होने के कारण बच्चे अभी सुरक्षित है वहीं स्कूल के स्टाफ बाज से परेशान है। बताया जा रहा है की जल्द वन विभाग की टीम बाज का रेस्क्यू कर स्कूल के पास से हटाया जाएगा।

