आम लोगों को लग सकता है एक और झटका, महंगा हो सकते है रसोई गैस सिलेंडर
नई दिल्ली: पेट्रोल और डीजल के बाद अब रसोई गैस भी उपभोक्ताओं को झटका देने वाली है. महंगाई की मार से परेशान आम लोगों के लिए अप्रैल से खाना बनाना महंगा हो सकता है. दरअसल, दुनियाभर में गैस की भारी किल्लत (Global Gas Crunch) हो गई है. अप्रैल में इसका असर भारत पर भी देखने को मिल सकता है. इससे देश में गैस की कीमतें (Domestic Gas Prices) दोगुनी हो सकती हैं.


वैश्विक स्तर पर गैस की किल्लत होने से न सिर्फ खाना बनाना महंगा हो जाएगा बल्कि सीएनजी (CNG), पीएनजी (PNG) और बिजली की कीमतें बढ़ जाएंगी. वाहन चलाने के साथ फैक्टरियों में उत्पादन की लागत भी बढ़ जाएगी. सरकार के फर्टिलाइजर सब्सिडी बिल (Fertilizer Subsidy Bill) में भी इजाफा होगा. कुल मिलाकर इन सबका असर आम उपभोक्ता पर ही पड़ने वाला है.
मांग के मुताबिक आपूर्ति नहीं
वैश्विक अर्थव्यवस्था कोरोना महामारी के प्रकोप से बाहर निकल रही है. इसके साथ ही दुनियाभर में ऊर्जा की मांग बढ़ रही है. लेकिन, मांग बढ़ने के साथ इसकी आपूर्ति के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए. इससे गैस की कीमतों में काफी तेजी आई है.
पहले ही ज्यादा कीमत चुका रहा उद्योग
उद्योग के जानकारों का कहना है कि लॉन्ग टर्म कॉन्ट्रैक्ट्स की वजह से घरेलू उद्योग पहले से ही आयातित एलएनजी (LNG) के लिए ज्यादा कीमत चुका रहा है. लॉन्ग टर्म कॉन्ट्रैक्ट्स में कीमत कच्चे तेल से जुड़ी हुई हैं. उद्योग ने स्पॉट मार्केट से खरीदारी कम कर दी है, जहां कई महीनों से कीमतों में आग लगी हुई है.
घरेलू कीमतों में बदलाव के बाद दिखेगा असर
वैश्विक स्तर गैस की कमी का असर अप्रैल से दिखने लगेगा, जब सरकार नेचुरल गैस की घरेलू कीमतों में बदलाव करेगी. जानकारों का कहना है कि इसे 2.9 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू से बढ़ाकर 6 से 7 डॉलर किया जा सकता है. रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुताबिक, गहरे समुद्र से निकलने वाली गैस की कीमत 6.13 डॉलर से बढ़कर करीब 10 डॉलर हो जाएगी. कंपनी अगले महीने कुछ गैस की नीलामी करेगी. इसके लिए उसने फ्लोर प्राइज को क्रूड ऑयल से जोड़ा है, जो अभी 14 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू है.
15 रुपये प्रति किलो तक बढ़ेंगे दाम
देश में घरेलू नेचुरल गैस की कीमतें हर साल अप्रैल और अक्टूबर में तय होती हैं. अप्रैल की कीमत जनवरी से दिसंबर 2021 की अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर आधारित होगी. इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड के निदेशक एके जेना के मुताबिक, घरेलू नेचुरल गैस की कीमत में एक डॉलर की तेजी पर सीएनजी की कीमत 4.5 रुपये प्रति किलो बढ़ जाएगी. इसकी मतलब है कि सीएनजी की कीमत में 15 रुपये प्रति किलो तक इजाफा हो सकता है.

