GST परिषद की 47वीं बैठक में लिए गए कई महत्वपूर्ण फैसले: दही, पनीर, शहद हुआ महंगा, जानिए कितने प्रतिशत देनी पड़ेगी GST
चंडीगढ़: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता और राज्य के वित्त मंत्रियों वाली जीएसटी परिषद की 47वीं बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। जीएसटी परिषद ने मंगलवार को कुछ वस्तुओं एवं सेवाओं पर टैक्स की दरों में बदलाव को मंजूरी दे दी। साथ ही राज्यों को सोना और मूल्यवान पत्थरों की राज्य के भीतर आवाजाही के लिये ई-वे बिल जारी करने की अनुमति भी दे दी गई।


मंत्री समूह की कर चोरी रोकने संबंधी रिपोर्ट को भी मंजूरी दी गई। अब दही, पनीर, शहद, मांस और मछली जैसे डिब्बा बंद और लेबल-युक्त खाद्य पदार्थों पर माल एवं सेवा कर लगेगा। साथ ही चेक जारी करने के एवज में बैंकों की तरफ से लिये जाने पर शुल्क पर भी जीएसटी देना पड़ेगा। अधिकारियों ने कहा कि माल एवं सेवा कर से जुड़े मुद्दों पर निर्णय लेने वाली शीर्ष निकाय जीएसटी परिषद ने दरों को युक्तिसंगत बनाने के मकसद से छूट वापस लेने को लेकर राज्यों के वित्त मंत्रियो के समूह की ज्यादातर सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है।
इससे डिब्बा बंद मांस, मछली, दही, पनीर, शहद, सूखा मखाना, सोयाबीन, मटर जैसे उत्पाद, गेहूं और अन्य अनाज, गेहूं का आटा, मूरी, गुड़, सभी वस्तुएं और जैविक खाद जैसे उत्पादों पर अब 5 प्रतिशत जीएसटी लगेगा। इसी तरह चेक जारी करने पर बैंकों द्वारा लिये जाने वाले शुल्क पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगेगा। एटलस समेत नक्शे और चार्ट पर 12 प्रतिशत जीएसटी लगेगा। वहीं खुले में बिकने वाले बिना ब्रांड वाले उत्पादों पर जीएसटी छूट जारी रहेगी।
इसके अलावा एक हजार रुपये प्रतिदिन से कम किराये वाले होटल कमरों पर 12 प्रतिशत की दर से कर लगाने की बात कही गयी है। अभी इसपर कोई कर नहीं लगता है।
परिषद बुधवार यानी आज राज्यों को राजस्व नुकसान की भरपाई के लिये क्षतिपूर्ति व्यवस्था जून, 2022 के बाद भी जारी रखने की मांग पर विचार कर सकती है। इसके अलावा कसीनो, ऑनलाइन गेमिंग और घुड़दौड़ पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

