अगर आपको भी नहीं आती जल्दी नींद: तो अपनाएं ये ट्रिक, 2 मिनट में आ जाती है नींद.. सैनिक भी करते हैं इस ट्रिक का इस्तेमाल
क्या आप इस बात को मानते हैं कि सोना भी एक कला है? आप सोचेंगे कि ये तो बेमतलब की बात हुई, इसमें कौन सी कला, ये तो एक क्रिया है जो हर व्यक्ति के साथ होती है. हर व्यक्ति सोता है. चलिए हम समझाते हैं कि ये कला किस तरह से है.


दरअसल, दुनिया में बहुत से लोग हैं जो स्वस्थ हैं, और उन्हें लेटते ही नींद आ जाती है, पर कई लोग ऐसे भी होते हैं जिन्हें नींद (How to sleep quickly) के लिए जूझना पड़ता है, करवटें बदलते-बदलते उनकी रात बीत जाती है पर नींद नहीं आती. ऐसे में अगर उन्हें जल्दी सोने की कला आ जाए, तो फिर उन्हें जूझना नहीं पड़ेगा.
आप भी अगर अनिद्रा के शिकार हैं या नींद (Jaldi kaise soyen) के अभाव में देर रात तक जगकर फोन चलाते रहते हैं तो आपको आर्मी जवानों (Military sleep method) द्वारा अपनाई जाने वाली ये खास ट्रिक के बारे में जान लेना चाहिए.
आर्मी के जवानों को सोने की एक ऐसी कला आती है जिसकी मदद से वो सिर्फ 2 मिनट में नींद के आगोश में गोते लगाने लगते हैं.
न्यूज वेबसाइट डेली स्टार की एक रिपोर्ट के अनुसार 1981 में एक किताब लॉन्च हुई थी. उसका नाम था, “रिलैक्स एंड विन: चैंपियनशिप परफॉर्मेंस” (Relax and Win: Championship Performance). किताब के लेखक लौयड बड विंटर थे. लौयड ने ये किताब इसलिए लिखी थी जिससे वो मैदान में उतरे खिलाड़ियों की परफॉर्मेंस को सुधार सकें और उन्हें रिलैक्स मेहसूस करवा सकें.
इस किताब में सोने की एक बेहद खास ट्रिक लिखी है जिसे अमेरिकी सेना के सैनिक भी इस्तेमाल करते हैं. इसी ट्रिक के जरिए वो सिर्प 2 मिनट में गहरी नींद हासिल कर लेते हैं. इस तरह वो मुश्किल परिस्थितियों में भी सोकर अपनी सेहत का ध्यान रख पाते हैं.
ये है जल्दी नींद आने का फॉर्मुला
ये ट्रिक बेहद सिंपल है और आपको इसे फॉलो करने में बिल्कुल भी परेशानी नहीं होगी. ट्रिक का पहला स्टेप है शरीर को रिलैक्स करना. अगर आप अपने शरीर को रिलैक्स नहीं करेंगे, तो आप जो सी भी ट्रिक अपना लें.
आपको नींद नहीं आएगी. लेने के बाद अपने चेहरे की मसल्स को ढीला करने की कोशिश करें. जबड़ा, जीभ, आंखों को बिल्कुल हलका छोड़ दें, कोई हलचल ना करें.
2 मिनट में आ जाएगी नींद
इसके बाद अपने दोनों हाथों को साइड में रख लें और कंधों को भी ढीला करने की कोशिस करें. इस तरह आपके शरीर का सारा तनाव खत्म होने लगेगा. इस पूरी प्रकिया में सांसों का अहम किरदार है. सांस लेने और छोड़ने के वक्त धीरे-धीरे अपने सीने, हाथ-पांव को भी ढीला करने लगें.
आपको एक पॉइंट पर समझ आ जाएगा कि आपका शरीर ढीला हो चुका है. जब आपको हल्का मेहसूस होने लगे तो 10 सेकेंड तक ऐसे दृश्य के बारे में सोचें जिससे आपका मन हल्का लगने लगे. ये दृश्य आपके जीवन से जुड़ी घटना या कोई जगह हो सकती है. अगर कुछ ना समझ आ रहा हो तो समुद्र या तालाब के किनारे लेटे हुए खुद को इमैजिन करें.
फिर भी अगर आपका मन भटक रहा हो तो मन में लगातार बोलते रहें, Don’t Think (मत सोचो). आप गौर करेंगे कि आपको धीरे-धीरे नींद आने लगेगी. इस प्रक्रिया को अगर आप सिर्फ 6 महीने तक दोहराएंगे तो आपको 2 मिनट में ही नींद आने लगेगी.

