पेट्रोल डीजल के कीमतों में लग सकती है आग, 8 रुपये से ज्यादा बढ़ सकते हैं दाम
नई दिल्ली: पेट्रोल-डीजल के उपभोक्ताओं को मार्च में बड़ा झटका लग सकता है। बढ़ती तेल की कीमतों से कृत्रिम राहत और कई राज्यों में चुनाव के बाद, बहुत से कारणों से कीमतों में इजाफा हो सकता है। कुछ बाजार विशेषज्ञ अपेक्षा कर रहे हैं कि पेट्रोल-डीजल में 8 रुपये प्रति लीटर तक इजाफा हो सकता है।


बता दें कि 4 नवंबर, 2021 के बाद से पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़े है। जब भारत में खुदरा विक्रेताओं ने आखिरी बार घरेलू दामों में बदलाव किया था। विश्व बाजार में कच्चे तेल के दाम लगभग 14 डॉलर बढ़ चुकी है और तेल कंपनियों को अभी तक हुई घाटे की भरपाई करनी है। इसलिए माना जा रहा है कि चुनाव खत्म होने के बाद पेट्रोल डीजल के दाम में वृध्दि हो सकती है।
विश्लेषकों को डर है कि इससे महंगाई में और ज्यादा इजाफा हो सकता है, जो पहले ही आरबीआई की 2 प्रतिशत से 6 प्रतिशत के बीच की, आरामदायक स्थिति की ऊपरी सीमा को पार कर चुकी है। जब तक कि केंद्र और राज्य सरकारें एक बार फिर, पेट्रोल और डीजल पर करों में कटौती नहीं करती।
भारत जो कच्चा तेल आयात करता है, उसके दाम सोमवार को बढ़कर 94.54 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गए है, जो पेट्रोलियम योजना एवं विश्लेषण प्रकोष्ठ के आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2014 के बाद से सबसे ऊंचा स्तर है। यूक्रेन और रूस के बीच भू-राजनीतिक तनाव से कच्चे तेल के दाम बढ़े गए, माल कम होने के कारण सप्लाई की चिंताएं बढ़ गई थीं। लेकिन अब रूस यूक्रेन के पास से अपने कुछ बल पीछे खींच रहा है, जिससे वैश्विक कीमतें थोड़ा कम हो सकती हैं।

