राम मंदिर की तरह दिखाई देगा अयोध्या का हवाई अड्डा, एयरपोर्ट पर उतरते ही लगेगा आ गए मंदिर
आयोध्या: उड़ान योजना के तहत बनाए जा रहे अयोध्या एयरपोर्ट का नाम क्या होगा यह अभी तय नहीं है, लेकिन यह तय हो गया है कि अप्रैल 2023 में 300 पैसेंजर की क्षमता वाले प्रथम टर्मिनल का संचालन शुरू हो जाएगा। जबकि 3 टर्मिनल वाला अयोध्या एयरपोर्ट 2025 में पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा। लोकसभा चुनाव के पहले राम जन्मभूमि मंदिर के प्रथम चरण का कार्य दिसंबर 2023 तक पूरा हो जाएगा और पूरा मंदिर 2025 में पूरा होगा। यानि अयोध्या एयरपोर्ट और राम जन्मभूमि मंदिर का संचालन लगभग एक साथ शुरू होगा और एक तरह दिखेगा।


अयोध्या एयरपोर्ट राम मंदिर की तरह दिखाई देगा
अयोध्या एयरपोर्ट और राम जन्मभूमि मंदिर में काफी कुछ समानता होगी। समय की बात करें तो लगभग एक ही समय दोनों चरणबद्ध रूप से पूरे होंगे। लुक की बात करें तो अयोध्या एयरपोर्ट काफी कुछ राम जन्मभूमि मंदिर की तरह दिखाई देगा। एयरपोर्ट के खंभे हो या फिर बुर्ज सभी कुछ इस तरह दिखाई देंगे जैसे राम जन्मभूमि मंदिर के ही रूप हों। इसके लिए बंसी पहाड़पुर के उस पत्थर का इस्तेमाल किया जाएगा जिससे राम जन्मभूमि मंदिर बन रहा है। यही नहीं खंभों और एयरपोर्ट की इमारत पर राम मंदिर की तरह की नक्काशी दिखाई देगी, यूं कहे कि एयरपोर्ट पर उतरते ही यात्रियों को अयोध्या के श्री राम मंदिर की झलक मिल जाएगी। कुछ ऐसा ही दावा अयोध्या के सांसद लल्लू सिंह और अयोध्या एयरपोर्ट के प्रोजेक्ट मैनेजर भी कर रहे हैं।
एयरपोर्ट पर उतरते ही लगेगा अयोध्या आ गए
अयोध्या एयरपोर्ट के प्रोजेक्ट मैनेजर राजीव कुलश्रेष्ठ ने कहा, ज्यादातर होता यह है कि एक एयरपोर्ट उस जगह को दर्शाता है जहां के लिए वह स्थान प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि इसके पहले भी इस तरह के एयरपोर्ट और उसके मॉडल देखे गए हैं। जम्मू और आगरा में हेरिटेज लुक देने की कोशिश की गई है। नागरिक उड्डयन विभाग की तरफ से अयोध्या एयरपोर्ट को राम मंदिर की तर्ज पर उतारा जा रहा है। अयोध्या एयरपोर्ट पर उतरते ही लोगो को मालूम पड़ जाए कि हमलोग अयोध्या में आ गए हैं।
2023 तक मंदिर का गर्भगृह होगा तैयार
अयोध्या के सांसद लल्लू सिंह ने कहा, अयोध्या प्रभु राम की जन्मस्थली है. 21 दिसंबर 2023 तक मंदिर का गर्भगृह तैयार हो जाएगा। उन्होंने कहा कि अयोध्या में जो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बन रहा है उसमें छोटे विमानों को भी उतरने की व्यवस्था होगी और जब 2025 तक भगवान का भव्य मंदिर बनेगा उसी के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा सारी सुविधाओं के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर के विमान की आवाजाही हो सकेगी।

