राजधानी में अब पीने के पानी का संकट: BMC के पास बचा है बस 38 दिन का स्टॉक
मुंबई: लोगों के सामने पेट्रोल-डीजल के बाद अब पानी का संकट खड़ा हो गया है। दरअसल इस महीने की शुरुआत के बाद से, देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर और उपनगरों ने बारिश में बड़ी कमी देखी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों के मुताबिक सांताक्रूज के बेस स्टेशन सहित ज्यादातर मॉनिटरिंग स्टेशनों में इस अवधि के दौरान औसत वर्षा की आधी बारिश ही दर्ज की गई है।


मुंबई में केवल 38 दिन का बचा है पीने के पानी का स्टॉक- रिपोर्ट
वहीं अब एक चौंकाने वाली बात सामने आ रही है। दरअसल,टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के आंकड़ों ने मुंबई में पीने योग्य पानी की संभावित कमी का संकेत दिया है, जिसमें पानी का स्टॉक केवल 38 दिनों तक के लिए ही है। हालांकि मुंबई में पिछले सप्ताह से कुछ अच्छी बारिश हुई है लेकिन शहर और उसके आसपास की झीलों को लगातार बारिश की कमी का सामना करना पड़ा है। शहर की ये लाइफलाइन क्षेत्र में ताजे पानी की सप्लाई करती हैं, और अब इनमें पानी का स्टॉक जरूरी अमाउंट के 10 प्रतिशत से कम हो गया है।
मुंबई में अगले पांच दिनों में भारी से बहुत भारी बारीश की उम्मीद- आईएमडी
वहीं आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार पूरे कोंकण बेल्ट – जिसमें मुंबई शहर भी शामिल है में अगले पांच दिनों में अलग-अलग क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की उम्मीद है। इसी के साथ बता दें कि मुंबई में पानी की कटौती ना हो इसके लिए 1 अक्टूबर तक कम से कम 14.47 लाख मिलियन लीटर पानी रिजर्व होना चाहिए। हालांकि, शहर की सात झीलों में मौजूदा स्टॉक केवल 1.43 मिलियन लीटर है। संदर्भ के लिए, पिछले जून का कुल जल भंडार 2 लाख मिलियन लीटर या लगभग 15% था।
इस सप्ताह की बारिश मुंबई के पानी के स्टॉक को भरने में कर सकती है मदद
भाटसा, तुलसी, विहार, ऊपरी और मिडिल वैतरणा, मोदक सागर और तानसा जलाशय आमतौर पर मुंबईकरों को रोज औसतन लगभग 3,750 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति करते हैं। भाटसा इस कुल राशि का लगभग आधा आपूर्ति करती है। वहीं बीएमसी अधिकारियों को उम्मीद है कि इस सप्ताह की बारिश आने वाले दिनों में पानी के भंडार को भरने में मदद करेगी और शहर को इस अनिश्चित स्थिति से बाहर निकालने में मदद करेगी।

