त्योहारी सीजन के चलते सब्जियों के दाम में लगी आग, बाजारों में बढ़ी करेले की डिमांड
रायपुर: त्योहारी सीजन के चलते सब्जियों के दाम में आग लग गई है। 30 अगस्त को पूरे प्रदेश में तीज का त्योहार मनाया जाएगा, इस दौरान महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं। व्रत से पहले रस्म के तौर पर करेले की सब्जी खाई जाती है, जिसकी वजह से बाजारों में अचानक करेले की डिमांड बढ़ गई।


व्यापारी बताते हैं कि मांग ज्यादा है और आपूर्ति कम इसलिए करेले के दाम बढ़े हैं। बारिश की वजह से करेले की फसल 60 प्रतिशत तक बर्बाद हो गई है। करेले के साथ अन्य सब्जियां भी महंगी हुई है, जिसकी वजह से आम जनता की परेशानियां बढ़ी है। वहीं आम जनता का कहना है, कि कोरोना के दो साल बाद त्यौहार में पहले जैसा उत्साह लौटा है। त्यौहार तो मनाएंगे लेकिन महंगाई के साथ समझौता करना होगा।
इन दिनों ज्यादातर सब्जियां बाहर से आ रही हैं। ओडिशा से परवल आ रहा है। यह थोक में 25 रुपए तक पड़ रहा है जबकि वहीं से आ रहा बैगन 22 रुपए किलो में मिल रहा है। चिल्हर में परवल और बैगन के दाम दोगुना तक बिक रहे हैं। थोक में खेखसा 22 रुपए किलो है जो चिल्हर बाजार में डबल में बिक रहा है। वहीं करेला और लौकी लोकल आ रहा है। लौकी तो 15 से 16 रुपए किलो है जो चिल्हर में 20 से 25 रुपए किलों में मिल रहा है लेकिन करेला थोक में ही 40 से 42 रुपए किलो है। चिल्हर वाले इसकी अपने हिसाब से कीमत वसूल रहे हैं। तरोई 25 रुपए, धनिया 60 से 80 रुपए किलो, मिर्च 35 रुपए किलो थोक में है। चिल्हर में यह 50 से 60 रुपए में बिक रहा है। गाजर थोक में 35, बीट 30 रुपए किलो थोक में है। यह भोपाल से आ रहा है। बेलगाम का पत्ता गोभी थोक में 22 से 25 तो चिल्हर में 40 रुपए किलो में मिल रह है।

