हो जाएं अलर्ट: ब्रश करने के बाद खून आए तो अलर्ट हो जाएं, दांतों-मसूड़ों के अलावा दिल को भी नुकसान पहुंचाता है जिंजिवाइटिस
सेहत के मामले में जिस चीज पर सबसे कम फोकस होता है वह ओरल हेल्थ है। अमेरिका में 30 साल से ऊपर वाले 50% लोगों को मसूड़ों से संबंधित बीमारियां हैं। एक्सपर्ट कहते हैं- मुंह में मौजूद यह खामोश रोग दांतों को काफी नुकसान पहुंचाता है।


यदि ब्रश या फ्लॉस करने के बाद हफ्ते में एक-दो बार आपकी लार कभी-कभी गुलाबी रंग की हो जाती है, तो संभव है कि आपको जिंजिवाइटिस (शुरुआती चरण की मसूड़ों की बीमारी) है। कई बार लक्षण नहीं भी दिखते हैं। सही समय पर इलाज न हो तो मुश्किलें बढ़ सकती हैं। क्या हैं ये समस्याएं, शुरुआती लक्षण और इन्हें कैसे रोक सकते हैं, जानिए डेंटल एक्सपर्ट्स से…
समस्या : बैक्टीरिया और प्लाक के चलते मसूड़े सूजने लगते हैं
पेंसिल्वेनिया यूनिवर्सिटी में पेरिओडोंटल बीमारियों के एक्सपर्ट डॉ. रोड्रिगो नीवा कहते हैं- आमतौर पर जिंजिवाइटिस (डेंटल पायरिया) की समस्या होती है। टेक्सास यूनिवर्सिटी में पीरियोडॉन्टिक्स विभाग के प्रमुख डॉ. डेबोरा फॉयल बताते हैं- यह दांतों पर बैक्टीरिया और प्लाक की वजह से होता है।
ये बैक्टीरिया मसूड़ों के टिशू पर हमला करके उन्हें नष्ट कर सकते हैं। इससे दांतों को सहारा देने वाली हड्डी टूटती है और दांतों की जड़ें एक्सपोज हो जाती हैं। दांतों के बीच जगह बन जाती है, इससे वे ढीले होने लगते हैं। इलाज न किया तो डिमेंशिया, डायबिटीज और दिल की बीमारियों का जोखिम भी होता है।
लक्षण : मसूड़ों से खून बहता है, रंग में बदलाव, मुंह से बदबू भी
टफ्ट्स यूनिवर्सिटी में डेंटल एक्सपर्ट डॉ. नताली जियोंग बताती हैं, ब्रश या फ्लॉस करने पर मसूड़ों से खून बहता है। मसूड़ों का हिस्सा गुलाबी के बजाय लाल दिखता है। दांतों में कैविटी नहीं है तो भी यह समस्या हो सकती है। हमेशा मुंह से बदबू आती है, स्वाद बिगड़ा रहता है। चबाने में समस्या हो और दांतों में ढीलापन लगे तो अलर्ट होना जरूरी है।
उपचार : रूट्स की गहराई से सफाई और करेक्टिव सर्जरी
डॉ. रोड्रिग्ज कहते हैं- नियमित ब्रशिंग और फ्लॉसिंग से मसूड़ों की बीमारी को रोक सकते हैं। अगर समस्या हो ही गई है तो फिर साफ-सफाई से काम नहीं चलेगा। डेंटिस्ट रूट्स की गहराई से सफाई, एंटीबायोटिक्स और करेक्टिव सर्जरी से इसका उपचार करते हैं।
स्पेशलिस्ट एक खास उपकरण के जरिए मसूड़े की सूजन ठीक कर सकते हैं। यह मसूड़ों और दांतों के बीच की दूरी को मापता है। बड़े स्पेस गंभीरता बताते हैं। अगर प्लॉक की समस्या बनी हुई है तो डॉक्टर की सलाह से माउथवॉश का उपयोग कर सकते हैं। बहुत ठंडा या बहुत गर्म खाने से बचें। ज्यादा शुगर वाली चीजें भी समस्या बढ़ाती हैं।

