HMPV वायरस ने बढ़ाई चिंता: प्रदेश में मास्क पहनना हुआ अनिवार्य, नई गाइडलाइन जारी
रायपुर: भारत में तेजी से बढ़े रहे Hmpv वायरस ने चिंता बढ़ा दी है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ में आम जनता के लिए मास्क पहनने की गाइडलाइन जारी की गई है। कोरोना महामारी के दौरान आम लोगों ने यह दौर देखा था।


HMPV वायरस के कारण यह स्थिति फिर लौट आई है। केंद्र सरकार ने राज्य के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। जिसके बाद छत्तीसगढ़ के अस्पतालों के लिए नई गाइडलाइन जारी की गई है।
यह गाइडलाइन छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य सेवाएं संचालनालय की ओर से जारी की गई है। इसे छत्तीसगढ़ के सभी मेडिकल कॉलेज, सभी अस्पताल अधीक्षकों, सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला अस्पतालों के सिविल सर्जन और अस्पताल अधीक्षकों को भेजा गया है।
क्या है इस गाइडलाइन में
केंद्र के अफसरों की ओर से बताया गया कि, यह सांस से जुड़ा वायरस है। संक्रमण भी इसी से फैलता है। इसमें सामान्य सर्दी या फ्लू के जैसे लक्षण होते हैं।
भारत में इस समय कर्नाटक में 2, गुजरात में 1, तमिलनाडु में 2, महाराष्ट्र में 3 समेत 8 पॉजिटिव मरीज हैं। संक्रमण न फैले इसे ध्यान में रखते हुए जांच और इलाज के दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।
लोग साबुन और पानी से बार-बार हाथ धोएं।
अस्पताल या अन्य भीड़ भाड़ वाली जगह पर मास्क का उपयोग करें।
बिना धूले हाथों से आंख ना किया मुंह को छूने से बचें।
बीमार लोगों के करीब ना जाएं।
खांसते या छींकते समय मुंह पर पर रुमाल रखें।
सांस संबंधी किसी भी तरह की बीमारी होने पर घर पर ही रहें।
रायपुर एम्स में होगी जांच
स्वास्थ्य संचालनालय की ओर से बताया गया कि, HMPV वायरस की जांच रायपुर एम्स में की जा सकती है। इसमें आरटीपीसीआर टेस्ट, एंटीजन टेस्ट सेरोलॉजी टेस्ट किए जा रहे हैं।
उपचार को लेकर जारी दिशा निर्देशों में मरीज को हाइड्रेटेड रखना, आराम करना, दवाएं देने, जरुरत होने पर ऑक्सीजन सपोर्ट देने की व्यवस्थाएं रखने के लिए कहा गया है।
अस्पतालों से यह भी कहा गया है कि, ओपीडी में आने वाले या पहले से भर्ती मरीजों में इन्फ्लूएंजा लाइक इलनेस के प्रकरणों का अनिवार्य रूप से रिकॉर्ड मेंटेन करें और टेस्टिंग करें।
HMPV वायरस से बचाव
विशेषज्ञों के अनुसार एचएमपीवी वायरस से बचने के लिए भीड़ वाली जगह से दूरी बना कर रखें, सर्दी खांसी बुखार वाले मरीजों के के संपर्क में नहीं आएं, सर्दी खांसी बुखार के लक्षण पर तत्काल स्थानीय अस्पताल में जांच कराएं। ताकि किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।
खांसते व छींकते समय मुंह व नाक को रूमाल से ढंके, अपने हाथों को साबुन एवं सेनेटाइजर से साफ करते रहें, यदि बीमार हैं तो घर पर रहें, ज्यादा पानी पीएं एवं पौष्टिक भोजन का सेवन करें।
सर्दी, खांसी व बुखार होने पर अथवा सामान्य स्थिति में भी टिशू पेपर का दोबारा इस्तेमाल न करें। बार-बार आंख नाक व मुंह को न छूएं । सार्वजनिक स्थानों पर न थूकें तथा डाक्टर से सलाह लिए बिना किसी भी दवा का इस्तेमाल न करें।
कैसे फैलता है HMPV वायरस
(HMPV) वायरस खांसने, छींकने से निकलने वाले ड्रापलेट्स, संक्रमित व्यक्ति से हाथ मिलाने अथवा नजदीकी संपर्क में आने , दूषित सतह पर हाथ लगाने के बाद मुंह, नाक या आंखों को छूने से फैलता है।
HMPV वायरस के लक्षण
सर्दी, खांसी, बुखार तथा सर्दियों में सांस लेने में परेशानी इसके सामान्य लक्षण हैं। कुछ गंभीर केसेस में निमोनिया और ब्रोंकाइटिस भी इस बीमारी के लक्षण हैं।
देश के कुछ राज्यों में इसके मरीज मिलने की सूचना मिलते ही राज्य के स्वास्थ्य विभाग का अमला अपनी तैयारी में जुट गया है। विशेषज्ञों के अनुसार यह एक सामान्य रेस्पिरेटरी वायरस है जो आम तौर पर सर्दी के दिनों में दिखाई पड़ता है।

