जिबली पर शुरु हुई कंट्रोवर्सी: क्या निजी फोटो सेफ हैं, जिबली का मतलब क्या है, कंपनी के CEO की अपील
चैटजीपीटी (ChatGPT) की नई इमेज जनरेशन सुविधा ने एक सपना सच कर दिखाया है। दरअसल, आपकी एक आम तस्वीर कुछ ही सेकंड में स्टूडियो जिबली (Studio Ghibli) के जादुई संसार में बदल जाएगी। मगर जैसे-जैसे इंटरनेट पर जिबली स्टाइल की तस्वीरें वायरल हो रही हैं, ओपनएआई (OpenAI) की टीम पर भारी दबाव आ गया है।


सीईओ सैम ऑल्टमैन की अपील
कंपनी के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर अपील की, ‘क्या आप कृपया रुक सकते हैं, हमारी टीम के लोगों को भी सोना है।’ आइए जानने की कोशिश करते हैं कि ये फीचर इतना पॉपुलर क्यों हो गया है, इसके पीछे की तकनीक और कहानी क्या है।
can yall please chill on generating images this is insane our team needs sleep
— Sam Altman (@sama) March 30, 2025
जिबली फोटो की दीवानगी
26 मार्च को जैसे ही चैटजीपीटी में नया इमेज जनरेशन फीचर जारी हुआ, लोगों ने अपने फोटो Ghibli स्टाइल में बदलने शुरू कर दिए। इन तस्वीरों में जापानी ऐनिमेशन की वह कोमलता और जादुई माहौल था जो स्टूडियो जिबली की पहचान है- टोटोरो की मासूमियत, हाउल की रहस्यमयी उड़ान और ‘स्पिरिटेड अवे’ जैसी फैंटेसी की झलक।
ऑल्टमैन की अपील
इतनी भारी डिमांड थी कि ओपनएआई की टीम लगातार सर्वर संभालने में जुटी रही। सीईओ सैम ऑल्टमैन ने पोस्ट किया, ‘हम लॉन्च के बाद से सांस तक नहीं ले पाए हैं… भारी दबाव है, ऐसा कभी नहीं देखा।’ इससे पहले भी उन्होंने कहा था कि ओपनएआई के जीपीयू ‘पिघल’ रहे हैं, इसलिए प्रो यूजर्स के लिए भी लिमिट लगानी पड़ी।
क्या है नेटिव इमेज जेनरेशन?
चैटजीपीटी पर घिबलीफाइंग संभव हो पा रहा है नेटिव इमेज जेनरेशन (Native Image Generation) की क्षमता जुड़ने से। पहले चैटजीपीटी बाहरी मॉडल जैसे DALL-E 3 पर निर्भर करता था, लेकिन अब GPT-4o की मदद से इमेज जनरेशन सीधे इसी मॉडल के जरिए हो रही है।
गेम-चेंजर है नेटिव इमेज जेनरेशन
इसका मतलब है कि चैटबॉट अब यूजर की टेक्स्ट रिक्वेस्ट को गहराई से समझ कर ज्यादा सटीक और इंसानी तस्वीरें बना सकता है। यूं कहें कि नेटिव इमेज जेनरेशन एक गेम-चेंजर है क्योंकि अब टेक्स्ट और इमेज का मेल ज्यादा स्वाभाविक और क्रिएटिव हो गया है।

