अब 16-18 डिग्री पर नहीं चलेगा AC: नया नियम ला रही सरकार, जानिए आखिर क्या है मकसद


गर्मी के मौसम में बिजली की भारी मांग को देखते हुए केंद्र सरकार जल्द ही एक नया नियम लाने जा रही है, जिसके तहत सभी एयर कंडीशनर (AC) को केवल 20°C से 28°C के बीच ही सेट किया जा सकेगा। इसका मकसद बिजली की खपत कम करना, पावर ग्रिड पर दबाव घटाना और उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत देना है।
सरकार का बड़ा दावा
ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बताया कि नया नियम सभी क्षेत्रों में लागू होगा – घरों, दफ्तरों, मॉल, होटल, सिनेमाघर, और वाहनों के AC पर भी। सरकार का दावा है कि इससे अगले तीन साल में उपभोक्ताओं को करीब 18,000-20,000 करोड़ रुपये की बचत होगी। हर 1 डिग्री तापमान बढ़ाने पर लगभग 6% तक बिजली की बचत होती है।
7.5 लाख करोड़ की बचत
इस नियम को लाने की एक बड़ी वजह जून 2025 में रिकॉर्ड 241 गीगावाट तक पहुंची बिजली की मांग है, जो आने वाले समय में 270 गीगावाट तक जा सकती है। अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया की एक स्टडी के मुताबिक, अगर AC का तापमान स्टैंडर्ड किया जाए, तो 2035 तक भारत की पीक डिमांड 60 गीगावाट तक कम हो सकती है और 7.5 लाख करोड़ रुपये की बचत हो सकती है।
20 डिग्री से नहीं होगा नीचे
नए नियम की तारीख अभी तय नहीं हुई है, लेकिन इसे जल्द लागू किया जाएगा। नए AC में ऐसी तकनीक होगी कि वे 20 डिग्री से नीचे कूल नहीं कर पाएंगे। पुराने AC को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है – हो सकता है उन्हें सॉफ्टवेयर अपडेट या तकनीकी बदलाव की जरूरत पड़े।
कई देशों में सीमा तय
इस कदम की लोगों और इंडस्ट्री में मिली-जुली प्रतिक्रिया है। कुछ लोग इसे जरूरी और फायदेमंद मानते हैं, जबकि कुछ को 20°C की सीमा उत्तर भारत जैसी जगहों के लिए अपर्याप्त लगती है। कई देशों जैसे जापान और इटली में पहले से ही सार्वजनिक भवनों में 23-27°C की सीमा तय है। फिलहाल भारत में ऐसा कोई बाध्यकारी नियम नहीं है, लेकिन जल्द ही यह कानूनी रूप ले सकता है।

