July 2, 2026

Jagannath Rath Yatra Bhagdad: जगन्नाथ रथयात्रा में मची भगदड़: 3 श्रद्धालुओं की हुई मौत, देखें VIDEO

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Jagannath Rath Yatra Bhagda: भुवनेश्वर: ओडिशा के पुरी में विश्वविख्यात भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा में रविवार सुबह भीषण हादसा हो गया है। सुबह करीब 4 बजे गुंडिचा मंदिर के सामने भगवान जगन्नाथ के नंदीघोष रथ के पास भीड़ बेकाबू हो गई और भगदड़ मच गई। इस दुर्घटना में तीन श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह लोग घायल हो गए।

हादसे में इन श्रद्धालुओं की मौत

हादसे में जिन श्रद्धालुओं की जान गई हैं उनमें बसंती साहू (36), प्रेमकांति महांति (78) और प्रभाती दास शामिल है। तीनों मृतकों के शवों को पुरी मेडिकल कॉलेज में रखा गया है। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और श्रद्धालुओं में चीख-पुकार सुनाई दी।

गिरकर कुचले गए लोग

प्रशासन के अनुसार हादसा उस समय हुआ जब भारी संख्या में श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के रथ के दर्शन करने गुंडिचा मंदिर के पास एकत्र हो गए थे। इसी दौरान भीड़ का दबाव इतना बढ़ा कि कई लोग गिर गए और कुछ कुचले गए। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि घटना के वक्त मौके पर पर्याप्त सुरक्षा बल मौजूद नहीं थे, जिससे हालात और बिगड़ गए।

मंदिर द्वार के पास हुआ हादसा

हादसे के समय भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथ पहले ही गुंडिचा मंदिर पहुंच चुके थे। भगवान जगन्नाथ का नंदीघोष रथ भी धीरे-धीरे मंदिर की ओर बढ़ रहा था। तभी मंदिर के द्वार के पास ये घटना घट गई।

पहले भी बिगड़ चुकी थी श्रद्धालुओं की तबीयत

इससे पहले शुक्रवार, 27 जून को भी रथ यात्रा के दौरान एक और बड़ी घटना सामने आई थी। देवी सुभद्रा के रथ के पास भीड़ अत्यधिक बढ़ जाने से 625 से अधिक श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई थी। प्रशासन ने बताया कि इनमें से 70 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जिनमें 9 की हालत गंभीर बनी हुई है।

इस दिन से हुई थी शुरुआत

पुरी में 27 जून को शाम 4 बजे से भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथ यात्रा की शुरुआत हुई थी। परंपरा के अनुसार सबसे पहले भगवान बलभद्र का रथ तालध्वज खींचा गया, फिर देवी सुभद्रा का दर्पदलन और अंत में भगवान जगन्नाथ का नंदीघोष रथ श्रद्धालुओं द्वारा खींचा गया।

गुंडिचा मंदिर तक पहुंचे तीनों रथ

शनिवार सुबह 10 बजे फिर से रथ खींचने की प्रक्रिया शुरू हुई। भक्तों ने तीनों रथों को खींचते हुए उन्हें गुंडिचा मंदिर तक पहुंचाया।

बलभद्र का रथ सुबह 11:20 बजे

सुभद्रा का रथ दोपहर 12:20 बजे

जगन्नाथ का रथ 1:11 बजे मंदिर तक पहुंचा।

हालांकि, इस धार्मिक उल्लास के बीच रविवार तड़के हुई इस दुर्घटना ने श्रद्धा और आस्था के माहौल को गमगीन कर दिया है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों और कुछ श्रद्धालुओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन को पहले से ही भारी भीड़ की आशंका थी, फिर भी पर्याप्त पुलिस बल और मेडिकल सहायता के इंतजाम नाकाफी थे। घटना के बाद जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं और मृतकों के परिवारों को सहायता देने की बात कही है।

व्यवस्था और सतर्कता पर उठे सवाल

वहीं, पुरी जिला कलेक्टर और एसपी ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और घायलों से मुलाकात की।रथयात्रा का ये पर्व करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है, लेकिन बार-बार हो रहे हादसे प्रशासन की व्यवस्था और सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं।


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