June 3, 2026

UP Rashtrapati Jagdeep Dhankar: बड़ी खबर: भारत के उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने दिया इस्तीफा, जानिए क्या है वजह

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Jagdeep Dhankhar Istifa: नई दिल्ली। भारत के उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने पद से इस्तीफा (UP Rashtrapati Jagdeep Dhankar) दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंप दिया है। उन्होंने इस्तीफे में अपने खराब स्वास्थ्य का हवाला दिया है।


2027 तक था कार्यकाल

धनखड़ 2022 में उपराष्ट्रपति (UP Rashtrapati Jagdeep Dhankar) बने थे। उससे पहले वे पश्चिम बंगाल के राज्यपाल थे। धनखड़ सुप्रीम कोर्ट के वकील रह चुके हैं। वे वीपी सिंह और चंद्रशेखर सरकार में केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। जगदीप धनखड़ का कार्यकाल 2027 तक था।

इस्तीफे से चौके लोग

उप राष्ट्रपति (UP Rashtrapati Jagdeep Dhankar) के इस्तीफे से लोग चौंक गए। दरअसल, सोमवार से ही सांसद की कार्यवाही शुरू हुई थी। उन्होंने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का आभार जताया है। सांसदों के प्रति भी उन्होंने स्नेह और सम्मान जताया है।

ऐसे चुने गए उप राष्ट्रपति 

जगदीप धनखड़ (UP Rashtrapati Jagdeep Dhankar) जाट राजनीति से देश की सियासत में आए थे। हरियाणा के जाट नेता देवीलाल के वे करीबी रहे। देवीलाल ने ही उन्हें राजनीति में लॉच किया था। इसके बाद नरेंद्र मोदी जब प्रधानमंत्री बनें तो उन्होंने धनखड़ को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल बनाया। 2019 से 2022 तक वे बंगाल के राज्यपाल रहे। इसके बाद वे उपराष्ट्रपति चुने गए।

भारत के उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का जीवन परिचय 

6 अगस्त 2022 को वे भारत के 14वें उपराष्ट्रपति (UP Rashtrapati Jagdeep Dhankar) के रूप में शपथ ली थी। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी मारग्रेट अल्वा को हराया था। राजस्थान के झुंझुनू में 18 मई 1951 को उनका जन्म हुआ था। स्कूल की पढ़ाई उनकी गांव में हुई। इसके बाद वे पढ़ने के लिए चितौड़गढ़ के सैनिक स्कूल चले गए। उनका एनडीए में चयन हो गया था। मगर उन्होंने आगे की पढ़ाई करने की सोची। राजस्थान यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट करने के बाद उन्होंने कानून की पढ़ाई की। फिर लंबे समय तक जयपुर में वकालत की। वे वीपी सिंह और चंद्रशेखर सरकार में केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं।

हेल्थ इश्यू मगर उठते सवाल

हालांकि उप राष्ट्रपति जगदीप (UP Rashtrapati Jagdeep Dhankar) धनखड़ का स्वास्थ्य का इश्यू तो था। इसी साल नौ मार्च को वे एम्स में भर्ती हुए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें देखने गए थे। वे तीन दिन बाद 12 मार्च को एम्स से डिस्चार्ज किए गए। मगर जानकारों का कहना है कि धनखड़ का इस्तीफा सिर्फ हेल्थ इश्यू पर नहीं हो सकता। कोई बात है, जिसका खुलासा आने वाले समय में होगा। ज्ञातव्य है, किसानों के मामले को लेकर उप राष्ट्रपति का विचा कुछ अलग था। वे किसानो को लेकर संवेदनशील थे।

राष्ट्रपति को लेटर

राष्ट्रपति को भेजे लेटर में उन्होंने लिखा, स्वास्थ्य सेवा को प्राथमिकता देने और चिकित्सीय सलाह का पालन करने के लिए मैं संविधान के अनुच्छेद 67(ए) के अनुसार, तत्काल प्रभाव से भारत के उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देता हूं. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजे लेटर में उन्होंने आगे लिखा, मैं देश की राष्ट्रपति के प्रति उनके अटूट समर्थन और मेरे कार्यकाल के दौरान हमारे बीच बने सुखद और अद्भुत कार्य संबंधों के लिए हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करता हूं. मैं प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करता हूं. प्रधानमंत्री का समर्थन अमूल्य रहा है. मैंने अपने कार्यकाल के दौरान बहुत कुछ सीखा है.


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