Cyclone Arnab Update: छत्तीसगढ़ में चक्रवात अर्नब का खतरा! 3 जिलों में स्कूल बंद, कांकेर में छुट्टियों पर लगा ब्रेक
Cyclone Arnab Update: बालोद/धमतरी/बस्तर/कांकेर। बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की आशंका है।


मौसम की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर बालोद, धमतरी और बस्तर में 28 अक्टूबर, बुधवार को स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित किया गया है। वहीं, कांकेर में कलेक्टर ने अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियों पर प्रतिबंध लगा दिया है।
बालोद, धमतरी और बस्तर में स्कूल बंद
बालोद जिले में जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में बुधवार को अवकाश घोषित किया है। हालांकि, शिक्षकों को छुट्टी नहीं दी गई है और उन्हें अपने कर्तव्यों का पालन करना होगा।
धमतरी जिले में भी चक्रवात के प्रभाव और भारी बारिश की आशंका को देखते हुए सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। जिले में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
इसी तरह बस्तर जिले में चक्रवाती तूफान के प्रभाव से तेज हवाओं के साथ अति भारी बारिश की आशंका है। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने 28 अक्टूबर को सभी शासकीय और अर्धशासकीय स्कूलों में अवकाश घोषित किया है।
कांकेर में अधिकारियों-कर्मचारियों की छुट्टियों पर रोक
चक्रवात के संभावित प्रभाव को देखते हुए कांकेर कलेक्टर कुंदन कुमार ने अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए निर्देश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार, अधिकारी-कर्मचारी कलेक्टर की अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। सभी को मुख्यालय में उपस्थित रहना अनिवार्य होगा।
27 से 29 अक्टूबर तक जिले में भारी से अति भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। अत्यावश्यक परिस्थितियों में भी अवकाश लेने या मुख्यालय छोड़ने से पहले सक्षम अधिकारी की स्वीकृति लेनी होगी।
प्रशासन ने मौसम की स्थिति को देखते हुए सतर्कता बरतने और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
मंत्री टंक राम वर्मा ने दिए सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश
छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान के मद्देनजर अलर्ट जारी किया गया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंक राम वर्मा ने अधिकारियों को जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश के 12 जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना है। इसके मद्देनजर 1769 संवेदनशील गांवों को चिन्हित किया गया है। आपदा की स्थिति में त्वरित सहायता के लिए राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय रहेगा। नागरिक सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 1070 जारी किया गया है।
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28 और 29 अक्टूबर को भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले कुछ दिनों में छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं, मध्य छत्तीसगढ़ में भी कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है। कुछ इलाकों में अत्यंत भारी बारिश की आशंका भी जताई गई है।
बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा। इस दौरान हवा की रफ्तार 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर हवा के झोंके 90 किलोमीटर प्रति घंटा तक चलने की आशंका है।
आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है तूफान
मौसम संबंधी पूर्वानुमान के अनुसार, चक्रवाती तूफान के 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यनम के तट के पास बापटला और विशाखापत्तनम के बीच पहुंचने या तट से टकराने की संभावना जताई गई है। इस दौरान तूफान की अधिकतम हवा की गति 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है। हवा के झोंके 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने का अनुमान है।
तूफान के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में भी नमी बढ़ने और बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर मौसम की स्थिति में बदलाव हो सकता है। लोगों को मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान और प्रशासन की एडवाइजरी पर नजर रखने की जरूरत है।
इन जिलों में यलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने मंगलवार सुबह के पूर्वानुमान में सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, कोंडागांव और गरियाबंद जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली, बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से अचानक तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
भारी बारिश और बिजली से बचाव के उपाय
मौसम खराब होने के दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी परेशानी बढ़ा सकती है। ऐसे में इन सावधानियों का पालन करें:
घर के अंदर रहें: तेज हवाओं, गरज-चमक और आकाशीय बिजली के दौरान सुरक्षित पक्के भवन में रहें।
पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें: बारिश या तूफान के दौरान पेड़, होर्डिंग, कमजोर दीवारों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों।
खुले मैदान में जाने से बचें: बिजली चमकने के दौरान खेत, मैदान, नदी या तालाब के पास न रुकें।
बिजली के उपकरणों से सावधानी बरतें: आकाशीय बिजली के दौरान अनावश्यक रूप से बिजली से जुड़े उपकरणों का इस्तेमाल न करें और गीले हाथों से स्विच न छुएं।
जलभराव वाली सड़कों से न गुजरें: तेज बहाव वाले पानी, नालों और उफनती नदियों को पार करने की कोशिश न करें।
यात्रा सोच-समझकर करें: बहुत जरूरी न हो तो खराब मौसम के दौरान लंबी यात्रा टालें। वाहन चलाते समय जलभराव और गिरे हुए पेड़ों से सावधान रहें।
खुले में काम करने से बचें: किसान, मजदूर और निर्माण कार्य से जुड़े लोग तेज हवा और बिजली गिरने के खतरे के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहें।
मौसम अपडेट लेते रहें: मौसम विभाग और जिला प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें। आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन या आपदा प्रबंधन दल से सहायता लें।
प्रशासन की सलाह का पालन जरूरी
चक्रवाती तूफान के संभावित प्रभाव को देखते हुए लोगों को अगले कुछ दिनों तक मौसम की स्थिति पर नजर रखनी चाहिए। विशेष रूप से दक्षिण छत्तीसगढ़ के अलर्ट वाले जिलों में रहने वाले लोग सतर्क रहें। तेज बारिश, आकाशीय बिजली या तूफानी हवाओं के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहना ही सबसे बेहतर बचाव है।

