रायपुर के इस अस्पताल में दो शिशुओं की मौत से मचा हडकंप, परिजनों ने जमकर किया हंगामा
रायपुर। कोरेाना महामारी कार्यकाल में प्रदेश के जिला चिकित्सालयों से हाईरिस्क के शिशु मरीज मेकाहारा रिफर किये जा रहे हैं, मेकाहारा के स्त्री रोग विभाग की अध्यक्ष द्वारा कोरोना महामारी से शिशुओ को बचाने के लिए जिला अस्पताल रिफर किया जा रहा है, मंगलवार को जिला अस्पताल में उपचार के दौरान केवल दो शिशुओं की मौत हुई है। परिजनों द्वारा सात शिशुओं की मौत होने की जानकारी गलत है।


जिला अस्पताल के नर्सरी इंचार्ज डॉ. ओंकार खंडेलवाल ने परिजनों के इस दावे को गलत बताया है कि अस्पताल के आईसीसीयू में ऑक्सीजन की कमी के कारण शिशुओं की मौत हुई है। जिला अस्पताल में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है, अगर ऐसा होता तो केवल दो शिशु नहीं और अधिक बच्चे भी इलाज के दौरान मर सकते थे। गरियाबंद के जिस शिशु को मृत बताया जा रहा है वह अथक चिकित्सकीय प्रयासों से बचाया जा चुका है, वह जीवित है। बाजार से महंगी दवाई बुलाकर अस्पताल प्रबंधन द्वारा उसका इलाज कराया जा रहा है। डॉ. खंडेलवाल के अनुसार इस समय 37 शिशुओं का इलाज अस्पताल में भर्ती कर किया जा रहा है जिनमें 23 की हालत गंभीर है, सात शिशुओंं की मौत का मामला पूर्णत: भ्रामक एवं बेबुनियाद है।
डॉ. खंडेलवाल का कहना है कि बड़ी संख्या में शिशुओं का उपचार यहां पर हो रहा है, संवेदनशील मामले भी रेफर होकर आते हैं और अस्पताल अपनी जिम्मेदारी में उनका उपचार भी करता है, लेकिन रोजाना एक से दो शिशुओं की मौत होती ही है। उन्होंने इसे रूटीन का हिस्सा बताया। वजह पूछे जाने पर डॉ. खंडेलवाल का कहना है कि किस बच्चे को किन परिस्थितियों में दाखिल किया गया है, इस पर निर्भर करता है, लेकिन उसे बचाने की पूरी कोशिश की जाती है, पर कई मामलों में डॉक्टरों की कोशिशें सफ ल नहीं हो पाती हैं। बताया कि अस्पताल में 37 शिुशुओं/बच्चों का उपचार जारी है, जिसमें से 23 की हालत नाजुक है।

