April 22, 2026

नकली करेंसी के बड़े नेटवर्क का हो सकता है खुलासा: NIA ने जाली नोट के तस्कर को किया गिरफ्तार

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बंगाल के मुर्शिदाबाद में हाल में आतंकियों (Terrorist) की गिरफ्तारी के बाद अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने देश में जाली नोटों (counterfeit Currency) की तस्करी करने वाले एक तस्कर (Smuggler) को कोलकाता से गिरफ्तार किया है. उसका नाम शरीफुल इस्लाम बताया गया है.


मालदा (Malda) निवासी शरीफुल बांग्लादेश (Bangladesh) से जाली नोट लाकर बंगाल के रास्ते अन्य राज्यों में भेजा करता था. फिलहाल, एनआईए शरीफुल को ट्रांजिट रिमांड पर सड़क मार्ग से लखनऊ जा रही है. यहां उसे कोर्ट में पेश करके पुलिस कस्टडी रिमांड हासिल की जाएगी.

यह गिरफ्तारी जाली नोटों की तस्करी करने वाले बड़े गिरोह तक पहुंचने का अहम कड़ी साबिहत हो सकता है. जाली नोट के धंधे से जुड़े कई और लोगों के चेहरे सामने आ सकते हैं. इससे नकली करेंसी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है. बता दें कि मालदा और मुर्शिदाबाद में प्रायः ही जाली नोट की तस्करी के मामले सामने आते रहते हैं.

बिहार से गिरफ्तारी के बाद मिला था सुराग
एनआइए के मुताबिक दिसंबर 2019 में एटीएस ने गाजियाबाद रेलवे स्टेशन से बिहार के कटिहार निवासी मोहम्मद मुराद आलम को गिरफ्तार करके उसके पास से 2,49,500 के हाई क्वालिटी जाली नोट बरामद किया था. मुराद से पूछताछ में मालदा जिले के रहने वाले तौसीफ आलम का नाम सामने आया था. इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने तौसीफ के साथ शाहनवाज आलम नामक एक और तस्कर गिरफ्तार किया था.

एनआईए ने आरोपी को कोलकाता से दबोचा
तीनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है. मुराद और तौसीफ से पूछताछ में खुलासा हुआ था कि जाली नोट बांग्लादेश से आते हैं और मालदा निवासी शरीफुल इस्लाम उन्हें नोटों की सप्लाई करता है. चूंकि, मामला देश की आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा हुआ था, इसलिए एनआइए भी इसकी जांच कर रही थी.

तौसीफ को एनआइए ने ही बंगाल से गिरफ्तार किया था. देश में जाली नोटों की सप्लाई करने वाले सबसे बड़े तस्कर शरीफुल इस्लाम को भी एनआइए ने दो दिन पहले कोलकाता से दबोच लिया. शरीफुल से पूछताछ कर जाली नोटों की तस्करी से जुड़े बड़े गिरोह का पता चल सकता है.


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