Tokyo Olympics : पीवी सिंधु की हार से ना हों निराश, अब भी जीत सकती हैं मेडल
नई दिल्ली: टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics 2020) में पीवी सिंधु से गोल्ड मेडल जीतने की उम्मीद लगाए भारतीय खेलप्रेमियों को शनिवार को बड़ा झटका लगा. भारतीय स्टार शटलर पीवी सिंधु (PV Sindhu) को सेमीफाइनल के मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा. उन्हें दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी ताई जू यिंग (Tai Tzu-Ying) ने सीधे गेमों में हरा दिया. हालांकि, पीवी सिंधु की टोक्यो गेम्स में मेडल जीतने की उम्मीद अब भी बाकी है. वे अब भी ब्रॉन्ज मेडल जीत सकती हैं.


वर्ल्ड चैंपियन पीवी सिंधु और दुनिया की नंबर एक शटलर ताई जू यिंग के बीच कड़े मुकाबले की उम्मीद थी. मुकाबला भी उम्मीद के अनुरूप ही हुआ. पहले गेम में दोनों के बीच सांस रोक देने वाला मुकाबला हुआ, जिसमें 18 प्वाइंट तक दोनों खिलाड़ी बराबरी पर थीं. इसके बाद ताई जू ने लगातार 3 प्वाइंट जीतकर पहला सेट अपने नाम कर लिया. दूसरे गेम में जरूर सिंधु उम्मीद के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सकीं. इसकी एक वजह यह भी रही कि जब ताई जू ने शुरुआती बढ़त बना ली तो सिंधु प्वाइंट जीतने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने लगीं. इस प्रयास में उनकी गलतियां भी बढ़ गईं, जिसका पूरा फायदा ताई जू को मिला और उन्होंने यह गेम 21-12 से जीत लिया. इस तरह ताइवानी खिलाड़ी ने 21-18, 21-12 से मैच अपने नाम कर लिया.
पीवी सिंधु ओलंपिक गोल्ड की रेस से भले ही बाहर हो गई हों, लेकिन वे अब भी ब्रॉन्ज मेडल जीत सकती हैं. इसके लिए उनका सामना ही बिंग जियाओ से होगा. सिंधु की तरह चीन की बिंग जियाओ भी सेमीफाइनल हार गई हैं. उन्हें चीन की ही चेन यू फेई ने हराया. पीवी सिंधु और ही बिंग जियाओ की विजेता को ब्रॉन्ज मेडल मिलेगा.
बता दें कि पीवी सिंधु रियो ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं. इस बार वे अपने मेडल का रंग बदलना चाहती थीं. वे सिल्वर को गोल्ड मेडल में तब्दील करने के इरादे से टोक्यो पहुंचीं. लेकिन ऐसा नहीं हो पाया. हालांकि, वे अब भी मेडल जीतकर रिकॉर्ड बनाने के करीब हैं. अगर वे ब्रॉन्ज जीतती हैं तो बैडमिंटन में दो मेडल जीतने वाली पहली भारतीय बन जाएंगी.

