राहत की खबर! देश में तीसरी लहर का अंत नजदीक, 6 महानगरों में 10 दिन में घटे नए केस
नई दिल्ली: देश के प्रमुख महानगरों में कोरोना के नए मरीज घटने शुरू हो चुके हैं। देश में सबसे पहले 27 दिसंबर से नए केस मुंबई में बढ़ने शुरू हुए थे। यहां 7 जनवरी के बाद मरीज लगातार घट रहे हैं। यही ट्रेंड अब दिल्ली, कोलकाता, बेंगलुरु, चेन्नई और पुणे में दिख रहा है। मुंबई में पीक आने में 12 दिन लगे। वहीं, कोलकाता में पीक आने में 14 दिन में लगे। इन शहरों में पॉजिटिविटी रेट भी घटना शुरू हो चुका है। अगर यही ट्रेंड बरकरार रहा तो 26 जनवरी तक देशभर में पीक आ जाएगा।


बड़े शहरों से शुरु हुई थी तीसरी लहर
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ओमिक्रॉन की वजह से सबसे पहले संक्रमण की लहर दक्षिण अफ्रीका में आई। यहां 3 हफ्ते बाद ही केस घटने शुरू हो गए। यही ट्रेंड ब्रिटेन में भी रहा। जाहिर है कि दुनियाभर में जहां भी ओमिक्रॉन नई लहर का कारण बना, वहां भी लगभग ऐसा ही ट्रेंड दिखेगा। चूंकि, भारत में बड़े शहरों से तीसरी लहर की शुरुआत हुई है, इसलिए मरीज भी सबसे पहले इन्हीं शहरों में घटे हैं। इसे देखते हुए आने वाले कुछ ही दिनों में भारत में हालात पूरी तरह सामान्य हो सकते हैं।
लाखों लोग घर पर टेस्ट कर रहे, इसलिए केस कम आ रहे
देश में लाखों लोग कोविड टेस्ट किट्स खरीदकर खुद ही टेस्ट कर रहे हैं। ये आंकड़े कहीं दर्ज नहीं होते। वहीं, लाखों लोग टेस्ट ही नहीं करा रहे। टेस्ट किट खरीदकर खुद जांच करने वाले लोग वही हैं, जिनमें लक्षण रहे होंगे। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कोरोना संक्रमितों 90% से ज्यादा लोगों में तो लक्षण ही नहीं होते। इस हिसाब से रोजाना संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या आंकड़े से कहीं अधिक है।
घनी आबादी वाले कस्बों में भी आ चुका है पीक
अगर इतनी बड़ी संख्या में लोग संक्रमित हो रहे हैं तो जाहिर है कि बहुत जल्द पूरे देश में पीक भी आ जाएगा। अभी महानगरों और घनी आबादी वाले कस्बों में पीक आया है। अगले 5-7 दिनों में कम घनी आबादी वाली शहरों और राज्यों में भी पीक आ जाएगा। क्योंकि, अब डेल्टा की जगह ओमिक्रॉन ले चुका है, इसलिए जितनी तेजी से केस बढ़े, उतनी ही तेजी से घट रहे हैं।
देश में मंगलवार को कोरोना के 2.80 लाख से अधिक मामले आए
देश में मंगलवार रात साढ़े दस बजे तक 34 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में कोरोना विषाणु संक्रमण के 2,80,522 मामले आए जबकि संक्रमण की वजह से 339 लोगों की मौत हुई। ये आंकड़े राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के स्वास्थ्य विभागों की ओर से जारी किए गए। इन आंकड़ों में झारखंड और लक्षद्वीप के आंकड़े शामिल नहीं हैं।
देश में सबसे अधिक कोरोना विषाणु संक्रमण के मामले कर्नाटक में दर्ज किए गए। कर्नाटक स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक राज्य में 41,457 मामले सामने आए और 20 लोगों की मौत हुई। कर्नाटक के अलावा महाराष्ट्र में 39,207, केरल में 28,481, तमिलनाडु में 23,888, गुजरात में 17,119, उत्तर प्रदेश में 14,803, दिल्ली में 11,684, ओड़ीशा में 11,086, पश्चिम बंगाल में 10,430, राजस्थान में 9,711, हरियाणा में 8,388, असम में 8,072, मध्य प्रदेश में 7,154, आंध्र प्रदेश में 6,996, पंजाब में 6,641, छत्तीसगढ़ में 5,614, जम्मू कश्मीर में 4,651, बिहार में 4,551, उत्तराखंड में 4,482, हिमाचल प्रदेश में 3,084, तेलंगाना में 2,983, गोवा में 2,522, पुदुचेरी में 2,093, त्रिपुरा में 1,385, मिजोरम में 1,281, चंडीगढ़ में 1,275, अरुणाचल प्रदेश में 404, मणिपुर में 380, सिक्किम में 374, मेघालय में 275, लद्दाख में 152, नगालैंड में 89, अंडमान निकोबार में 49 और दादर नागर हवेली व दमन दीव में 36 मामले आए।

